जर्जर स्कूल भवन बना बच्चों की जान का दुश्मन, जिम्मेदार बने मूकदर्शक
संवाददाता धर्मेंद्र चौहान
एटा: शिकोहाबाद रोड स्थित प्राथमिक बालक यूनिवर्सल 3 विद्यालय की दुर्दशा अब बच्चों की शिक्षा ही नहीं, बल्कि उनकी जान के लिए भी खतरा बन चुकी है। स्कूल की छत जर्जर हालत में है, जिससे लगातार प्लास्टर गिर रहा है और बरसात के मौसम में पानी टपकने से कक्षाएं तालाब बन जाती हैं। बच्चों को जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
चिंता की बात यह है कि इसी खतरनाक इमारत में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय भी संचालित हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी हैं। भवन की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक न तो कोई जांच हुई, न ही मरम्मत के कोई संकेत मिले।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि राजस्थान में हाल ही में एक पुराने स्कूल भवन के ढहने की दुखद घटना के बावजूद प्रशासन सतर्क नहीं हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि जब तक एटा में कोई बड़ा हादसा नहीं होगा, तब तक शिक्षा विभाग जागेगा नहीं।
अभिभावकों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे मांग कर रहे हैं कि तुरंत प्रभाव से विद्यालय भवन की मरम्मत की जाए या छात्रों को वैकल्पिक सुरक्षित भवन में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उनका भविष्य और जीवन दोनों सुरक्षित रह सकें।
बिंदुवार प्रमुख बातें:
छत से टपकता पानी और गिरता प्लास्टर बना खतरा खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय भी उसी भवन में शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
अभिभावकों में रोष, तत्काल मरम्मत की मांग
प्रशासन को चाहिए कि संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कार्यवाही करे, ताकि बच्चों की सुरक्षा के साथ शिक्षा की गुणवत्ता भी बनी रह सके।
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