बाघराय में सड़क हादसे में 11 वर्षीय बालक की मौत, मां का आरोप—बिना सूचना दिए शव मोर्चरी भेजा
जिला संवाददाता अमित शुक्ला
सीएचसी में बिलखती रही मां, पुलिस ने बैक डोर से वाहन की डिग्गी में रखकर भेजा शव; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बाघराय (प्रतापगढ़)। बाघराय थाना क्षेत्र के आई का पुरवा चौराहे पर हुए सड़क हादसे में 11 वर्षीय बालक शनि पुत्र राजू सरोज की दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घायल बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बाघराय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
इस दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि सीएचसी परिसर में बालक की मां अपने बेटे की मौत से बदहवास होकर बिलख रही थी और उस समय मौके पर परिवार का कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। इसी बीच पुलिस ने कथित तौर पर मां को बिना जानकारी दिए अस्पताल के पिछले दरवाजे से शव को बाहर निकलवाया और बिना नंबर प्लेट की काले शीशे वाली गाड़ी की डिग्गी में रखकर मोर्चरी हाउस भेज दिया।
घटना को लेकर सवाल उठ रहा है कि जब मृत बालक की मां अस्पताल में मौजूद थी और अपने बेटे के शव के पास थी, तो उसे विश्वास में लेकर आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या पुलिस के लिए परिजनों को सूचना देना और उन्हें पूरी प्रक्रिया से अवगत कराना जरूरी नहीं था?
एक तरफ मासूम बेटे को खोने का गम झेल रही मां और दूसरी तरफ शव को ले जाने के तरीके को लेकर उठते सवालों ने पुलिस की संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि पुलिस के उच्चाधिकारी इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर घटना की जांच कराते हैं या नहीं।











