दीपावली 2026: आज शाम इस शुभ मुहूर्त में करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा, जानें पूजन विधि, सामग्री और मंत्र

दीपावली 2026: आज शाम इस शुभ मुहूर्त में करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा, जानें पूजन विधि, सामग्री और मंत्र

प्रतापगढ़। देशभर में आज रविवार, 8 नवंबर 2026 को दीपावली का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाए जाने वाले इस प्रमुख हिंदू त्योहार का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। दीपावली के अवसर पर घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को दीपों, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया जाता है। शाम के समय मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा-अर्चना की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली आती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए लक्ष्मी पूजन से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है।

प्रतापगढ़ में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश में दीपावली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 41 मिनट से रात 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

दीपावली 2026 के प्रमुख मुहूर्त:

  • दीपावली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार
  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे
  • प्रतापगढ़ में सूर्यास्त: शाम 5:16 बजे
  • प्रतापगढ़ में प्रदोष काल: शाम 5:16 से रात 7:40 बजे तक
  • लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त: शाम 5:41 से रात 7:38 बजे तक

यह मुहूर्त प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश की स्थानीय गणना पर आधारित है। अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त और लग्न के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।

दीपावली पर पूजा के लिए आवश्यक सामग्री

लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए इन सामग्रियों की व्यवस्था कर लें:

  1. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर।
  2. पूजा की चौकी और लाल या पीला कपड़ा।
  3. रोली, कुमकुम और अक्षत।
  4. फूल और फूलों की माला।
  5. धूप, अगरबत्ती और घी का दीपक।
  6. कलश, जल और गंगाजल।
  7. नारियल और सुपारी।
  8. पान के पत्ते और लौंग-इलायची।
  9. फल, मिठाई और पंचामृत।
  10. सिक्के, रुपये और बहीखाता।
  11. कपूर और आरती की थाली।
  12. मिट्टी के दीपक और तेल या घी।

कैसे करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा?

1. घर की साफ-सफाई करें: दीपावली के दिन घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। मुख्य दरवाजे पर रंगोली बनाएं और फूलों से सजावट करें।

2. पूजा की चौकी तैयार करें: एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

3. गणेश जी का पूजन करें: सबसे पहले भगवान गणेश को तिलक लगाकर फूल, अक्षत और दूर्वा अर्पित करें।

4. मां लक्ष्मी की पूजा करें: मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत, फूल, माला, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर पूजा करें।

5. कुबेर देव का पूजन करें: धन और समृद्धि के प्रतीक कुबेर देव का ध्यान करें। पूजा में रुपये, सिक्के और बहीखाते भी रखें।

6. मंत्र जाप और आरती करें: परिवार के सभी सदस्य मिलकर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की आरती करें। इसके बाद प्रसाद वितरित करें।

दीपावली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी के प्रमुख मंत्र

भगवान गणेश का मंत्र:

ॐ गं गणपतये नमः॥

मां लक्ष्मी का मंत्र:

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

गणेश जी की वंदना:

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

दीपावली पर दीपक जलाने का महत्व

दीपावली को प्रकाश का पर्व कहा जाता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, आंगन और अन्य स्थानों पर दीपक जलाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस अवसर पर लोग अपने घरों के साथ-साथ मंदिरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को भी रोशनी से सजाते हैं। कई स्थानों पर सामूहिक दीपोत्सव और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

क्यों मनाई जाती है दीपावली?

पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा करने और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरी नगरी को दीपों से सजाया था। तभी से दीप जलाकर खुशियां मनाने की परंपरा प्रचलित मानी जाती है।

इसके अलावा दीपावली को मां लक्ष्मी के प्राकट्य और भगवान विष्णु से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण भी विशेष महत्व दिया जाता है।

पटाखे जलाते समय बरतें सावधानी

दीपावली की खुशियों के बीच सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

  • पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाएं।
  • बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें।
  • पटाखे जलाते समय पानी की बाल्टी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें।
  • ज्वलनशील पदार्थों के पास आतिशबाजी न करें।
  • आंखों और हाथों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
  • पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कम प्रदूषण वाले विकल्प अपनाएं।

दीपावली का संदेश

दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर सभी को आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ त्योहार मनाना चाहिए।

दैनिक चक्र की ओर से समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

दैनिक चक्र | dainikchakra.com

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