एआरटीओ कार्यालय में दलाली और भ्रष्टाचार का बोलबाला, हर काम का दाम फिक्स
स्टेट संवाददाता विष्णु रावत
कासगंज। एआरटीओ कार्यालय में दलाली और भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद यहां हर काम के लिए तय रेट फिक्स कर दिए गए हैं। कार्यालय पर दलालों का दबदबा इस कदर है कि बिना उनके माध्यम से काम कराना लगभग असंभव हो गया है।
जानकारी के मुताबिक एआरटीओ कार्यालय के बाबू सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त अभियान को ठेंगा दिखाते हुए दलालों के जरिए वसूली अभियान चला रहे हैं। कार्यालय में बड़ी संख्या में मौजूद दलाल कर्मचारियों के संरक्षण में काम कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति स्वयं काम कराने की कोशिश करता है तो उसे नियम-कानूनों के नाम पर उलझा दिया जाता है और अंततः वह मजबूर होकर दलालों की शरण लेता है।
वाहन फिटनेस में 1500 रुपये की वसूली
वाहन फिटनेस की सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बावजूद प्रति वाहन करीब 1500 रुपये की वसूली खुलेआम की जा रही है। इतना ही नहीं, यदि फाइल पर कोई आपत्ति आती है तो उसकी अलग से वसूली की जाती है। पूरा खेल इस तरह से रचा गया है कि सीधे तौर पर विभागीय कर्मचारी रिश्वतखोरी के आरोप से बच सकें और वसूली का काम दलालों के जरिए करवाया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एआरटीओ कार्यालय दलाली और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि यहां व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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