78वां निरंकारी संत समागम : सेवाभाव, समर्पण और मानवता का महाकुंभ
संवाददाता योगेंद्र सिंह
एटा, 29 सितम्बर। संत निरंकारी मिशन का 78वां वार्षिक संत समागम हरियाणा के समलखा स्थित अध्यात्मिक स्थल पर सेवा-भाव से आरंभ हुआ। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी ने अपने पावन कर-कमलों से सेवा स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मिशन की कार्यकारिणी समिति, केंद्रीय सेवादल अधिकारीगण सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। ब्रांच एटा यूनिट नं. 526 से भी सैकड़ों सेवादार सेवा में शामिल हुए। समागम स्थल लगभग 600 एकड़ में फैला है, जहाँ श्रद्धालुओं के आवास, भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्थाएँ निःस्वार्थ भाव से की गई हैं। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि “समागम केवल एकत्र होने का नाम नहीं, बल्कि सेवा का प्रबल भाव है। हमें आत्ममंथन कर मन की कुरीतियों को दूर करना चाहिए। निरंकार का सुमिरण करते हुए हर किसी को समान भाव से देखना और सेवा अपनाना ही सच्चा भक्तिमार्ग है।”इस वर्ष समागम का मुख्य विषय “आत्म मंथन” रखा गया है, जो जीवन को शुद्ध विचारों और कर्मों की ओर प्रेरित करता है। संत निरंकारी मिशन पिछले 96 वर्षों से ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ — समस्त संसार एक परिवार — की भावना को साकार कर रहा है।
मानवता का यह दिव्य उत्सव आगामी 31 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भाग लेकर सेवा, समर्पण और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करेंगे।












