जनपद एटा के जलेसर में फिर लौटे विवादित तहसीलदार संदीप सिंह
संवाददाता — योगेन्द्र सिंह
अधिवक्ताओं ने किया न्यायालयों का बहिष्कार
तुर्रम सिंह / हि.दै. परिवर्तन उदय समाचार पत्र
एटा। जनपद की तहसील जलेसर एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से विवादों में घिरे तहसीलदार संदीप सिंह को शासन ने तीसरी बार जलेसर तहसील में तैनात कर दिया है। नियुक्ति की खबर मिलते ही तहसील परिसर में हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, संदीप सिंह पूर्व में भी जलेसर में दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे कर्मचारियों और अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार, तथा विवादित निर्णयों के कारण लगातार चर्चा में रहे थे। उनकी पुनः तैनाती की जानकारी मिलते ही अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आकस्मिक बैठक बुलाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि — > “जब तक संदीप सिंह तहसीलदार पद पर रहेंगे, अधिवक्ता संघ तहसील जलेसर के सभी न्यायालयों का बहिष्कार करेगा और न्यायिक कार्य से विरत रहेगा।”
बताया जा रहा है कि संदीप सिंह का कार्यकाल अलीगंज तहसील और एटा सदर तहसील में भी विवादों से घिरा रहा है। विशेष रूप से एटा सदर में उनके कार्यकाल से जुड़े कई गंभीर मामले अब भी जांच के अधीन हैं, जिनमें सरकारी संपत्तियों को न्यायालयीय आदेशों के माध्यम से निजी हस्तांतरण के आरोप शामिल हैं। वहीं अधिवक्ता संघ का कहना है कि अब देखना यह होगा कि क्या जलेसर में संदीप सिंह का यह तीसरा कार्यकाल फिर से विवादों का केंद्र बनेगा, या वे इस बार अपनी पुरानी छवि से उभरने में सफल होंगे।












