एटा में साप्ताहिक बंदी नियम फेल, श्रमिकों का फूटा आक्रोश – फिर देंगे ज्ञापन
संवादाता काव्यांश रावत एटा। शहर में श्रमिकों को हफ्ते में एक दिन की छुट्टी दिलाने के लिए तय साप्ताहिक बंदी का असर फिलहाल ज़मीन पर नजर नहीं आ रहा है। श्रमिकों द्वारा दो बार जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को ज्ञापन देने के बावजूद, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
श्रमिकों का कहना है कि सप्ताह में सातों दिन काम कराने के बावजूद उन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती। श्रम परिवर्तन अधिकारी राज बाबू पर आरोप है कि वे सिर्फ खानापूर्ति कर बाजार में चक्कर लगाकर लौट जाते हैं, लेकिन न तो किसी दुकान को बंद कराते हैं और न ही नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
मंगलवार को शिकोहाबाद रोड, जीटी रोड, दास मार्केट, मोबाइल मार्केट, कचहरी रोड, बाबूगंज, घंटा घर और ईदगाह मार्केट की अधिकांश दुकानें सुबह से ही खुली रहीं। दुकानदारों ने श्रमिकों को सुबह ही फोन कर काम पर बुला लिया।
इससे आक्रोशित श्रमिकों ने कहा कि वे एक बार फिर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे और पूछेंगे कि उनके आदेशों का पालन क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डीएम के निर्देश मौजूद हैं, तो श्रम परिवर्तन अधिकारी कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं?
श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी साप्ताहिक बंदी को लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन की राह पर उतर सकते ह।
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