लखनऊ में जीएसटी अधिकारी के ड्राइवर ने की आत्महत्या, कमरे में फंदे से लटका मिला शव
डिप्टी स्टेट ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र चौहान

लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के निजी चालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के सरायवन का पुरवा निवासी अभिषेक दीक्षित (28) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब ढाई वर्षों से ओमेक्स सिटी में रह रहे जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर कैलाश नाथ पाल के यहां निजी ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे और मकान की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में रहते थे।
पत्नी ने खिड़की से देखा तो लटका मिला शव
घटना के समय अधिकारी कैलाश नाथ पाल कानपुर में थे, जबकि उनका परिवार लखनऊ स्थित घर में मौजूद था। शाम करीब 7 बजे उनकी पत्नी अनुराधा पाल ने कहीं जाने के लिए अभिषेक को बुलाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और आवाज का जवाब न मिलने पर उन्होंने खिड़की से झांका, जहां अभिषेक का शव पंखे के हुक से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका दिखाई दिया।
दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतारा गया
अनुराधा पाल ने तुरंत अभिषेक के भाई उमेश को सूचना दी, जो निलमथा में रहते हैं। उनके पहुंचने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और आगे की कार्रवाई शुरू की।
कर्ज और पारिवारिक दुख से था परेशान
परिजनों के अनुसार, अभिषेक ने रायबरेली निवासी एक दोस्त से कुछ पैसे उधार लिए थे, जिसे लेकर वह मानसिक तनाव में था। वहीं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करीब एक महीने पहले उसके पिता की मृत्यु हो गई थी, जिससे वह काफी दुखी था।
जांच जारी, कारण स्पष्ट नहीं फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक अपने पीछे पत्नी मन्नू, 6 साल की बेटी गौरी और 4 साल के बेटे शंभू को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।












