पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने लोक व्यवस्था एवं जन सुरक्षा हेतु जारी किये आवश्यक दिशा—निर्देश किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हुई है कमेटी गठित, इसलिए किसी भी विवाद को छिपाएं नहीं, साझा करें, जिससे उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जा सकें
संवाददाता पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ आल एनसीआर यूपी०
दिनांक: 20 मार्च 2026 लोक व्यवस्था एवं जन सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, सभी संगठनों के साथ नियमित बैठक का निर्णय
प्रत्येक माह प्रथम व तृतीय गुरुवार को जिला प्रशासन-पुलिस की संयुक्त बैठक आयोजित होगी समस्याओं की अनदेखी करने वाले थाना प्रभारी व अधिकारियों पर तय होगी जिम्मेदारी
गाजियाबाद।जनपद में लोक व्यवस्था एवं जन सुरक्षा को सुदृढ़ बनाये रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न संगठनों, संस्थाओं तथा औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतु विशेष रणनीति तैयार की गयी है। इसके अंतर्गत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, फिजिशियन एसोसिएशन, एम्बुलेंस एसोसिएशन, बैंक कर्मचारी संघ, व्यापार मंडल, सर्राफा एसोसिएशन, औद्योगिक संगठन, श्रमिक संगठन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, होटल-रेस्टोरेंट संगठन, पेट्रोलियम डीलर्स, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, पत्रकार संगठन, कर्मचारी संगठन, नागरिक सुरक्षा संगठन सहित जनपद में संचालित अन्य सभी संगठनों को प्रशासन से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिये गये हैं। पुलिस आयुक्त महोदय एवं जिलाधिकारी महोदय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जनपद में केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालयों के साथ-साथ सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियाँ, अस्पताल तथा अन्य संस्थाएँ संचालित हैं, जहाँ बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। कई बार कर्मचारियों, प्रबंधकों अथवा विभागाध्यक्षों के बीच उत्पन्न विवाद, आपसी मनमुटाव या अन्य संवेदनशील प्रकरण व्यक्तिगत मानकर साझा नहीं किये जाते, जो आगे चलकर गंभीर घटना का रूप ले सकते हैं।इसके अतिरिक्त यदि किसी संगठन से रंगदारी, धमकी या अवैध वसूली जैसी सूचना प्राप्त होती है तो उसे तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को अवगत कराना आवश्यक होगा, जिससे समय रहते समाधान किया जा सके। इसी क्रम में निर्देशित किया गया है कि यदि किसी संगठन, संस्था या कार्यालय में किसी प्रकार का विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित पदाधिकारी तत्काल निकटतम थाना प्रभारी या संबंधित विभाग को सूचित करें। थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि ऐसे प्रकरणों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाये तथा आवश्यकतानुसार कानून के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जाये। यदि किसी प्रकरण को लंबित रखा जाता है या अनदेखा किया जाता है और उसके कारण कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी अथवा अधिकारी की मानी जायेगी तथा उनके विरुद्ध निलंबन या सेवा समाप्ति हेतु उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जायेगी। प्रशासन द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी संगठन अपने सदस्यों, कर्मचारियों तथा अधिकारियों के साथ नियमित संवाद बनाये रखें तथा किसी भी विवाद की स्थिति में आपसी समन्वय से समाधान कराने का प्रयास करें। यदि समाधान संभव न हो तो दोनों पक्षों को बैठक में बुलाकर प्रकरण का निस्तारण कराया जाये। आवश्यक होने पर जनता दर्शन, थाना दिवस, तहसील दिवस, किसान दिवस, उद्योग बंधु, व्यापार बंधु, श्रम बंधु तथा शांति समिति की बैठकों के माध्यम से भी प्रकरणों को रखा जा सकता है। उक्त के क्रम में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को जनपद में संचालित विभिन्न संगठनों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जायेगी। बैठक में लोक व्यवस्था, जन सुरक्षा तथा जीवन रक्षक सेवाओं से संबंधित विषयों पर प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण कराया जायेगा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये जायेंगे। यह आदेश पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद श्री जे. रविन्द्र गौड़ एवं जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ गाजियाबाद द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया है।












