“पुलिस केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि सेवा का भी नाम है” जनक्ष सुनवाई में दिखी मानवीय संवेदन शीलता, बुजुर्ग महिला की मदद को खुद बाहर आए क्षेत्रा- धिकारी श्रीमती ऐश्वर्या उपाध्याय साइबर क्राइम/यातायात
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर
फर्रुखाबाद। जनसुनवाई के दौरान पुलिस की संवेदनशील और जनसेवा से जुड़ी छवि एक बार फिर सामने आई, जब क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय साइबर क्राइम/यातायात ने एक बुजुर्ग महिला फरियादी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मानवता का परिचय दिया। सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ वृद्ध महिला को देखकर अधिकारी स्वयं कार्यालय से बाहर आए और उनकी शिकायत को सुना। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग महिला अपनी समस्या लेकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंची थीं। शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण वह कार्यालय की सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ थीं और नीचे ही बैठकर मदद की उम्मीद कर रही थीं। जैसे ही यह बात क्षेत्राधिकारी को पता चली, उन्होंने बिना देर किए स्वयं कार्यालय से बाहर आकर महिला से मुलाकात की। क्षेत्राधिकारी ने महिला से उनका प्रार्थना पत्र लिया और पूरे धैर्य के साथ उनकी समस्या को विस्तार से सुना। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य फरियादियों और लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना था कि अक्सर लोग पुलिस को केवल सख्ती और अनुशासन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इस तरह के व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस आम जनता की सेवा और सहायता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह घटना पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।इस पहल ने यह संदेश दिया कि पुलिस का कार्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना भी है।क्षेत्राधिकारी का यह कदम अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।












