मात्र 1 वर्ष में पुलिसिंग आम जनमानस के सुविधा के लिए”सुरक्षा का नया अध्यायः अपराध दर में गिरावट दर्ज” विगत वर्ष के सापेक्ष अपराधों में उल्लेखनीय कमी।श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय जे० रविंद्र गौड़ कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा

मात्र 1 वर्ष में पुलिसिंग आम जनमानस के सुविधा के लिए”सुरक्षा का नया अध्यायः अपराध दर में गिरावट दर्ज” विगत वर्ष के सापेक्ष अपराधों में उल्लेखनीय कमी।श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय जे० रविंद्र गौड़ कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर क्षेत्र की खास रिपोर्ट

कमिश्नरेट गाजियाबाद कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता अपने विचारधाराओं से संयुक्त प्रशासन की नई पहचान एवं अच्छी पुलिसिंग स्थापित करते हुए।श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय जे० रविंद्र गौड़ कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा नियमित गोष्ठी कर अधीनस्थों को दिए गए निर्देशन एवं मार्गदर्शन से कमिश्नरेट गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विगत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की गई हैं।विगत 01 वर्ष में कमिश्नरेट गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने तथा जन सामान्य को प्रदान की जाने वाली पुलिस सेवायें को सुगम एवं पारदर्शी बनाने के दृष्टिकोण से पुलिस आयुक्त, महोदय जे० रविंद्र गौड़ गाजियाबाद द्वारा अपनायी गई कार्य प्रणाली तथा उसके परिणाम निम्नवत हैः-कुछ फोटो में सही गणना दी गई है आख्या के रूपांतरण में साक्षय देख सकते हैं। पुराना और तत्काल का फोटो फाइल मौजूद है।

1- सिटीजन चार्टर के अन्तर्गत कमिश्नरेट गाजियाबाद की जनता को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के सम्बन्ध में गाजियाबाद पुलिस की प्रतिबद्धताः-जन सामान्य को सिटिजन चार्टर के अन्तर्गत पुलिस द्वारा निम्नलिखित सेवायें प्रदान की जाती हैं -1-जन शिकायतों का निस्तारण 2-पासपोर्ट सत्यापन 3-चरित्र सत्यापन 4-किरायेदार सत्यापन 5-कर्मचारी सत्यापन 6-घरेलू सहायता सत्यापन 7-पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट 8-प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकरण उपरोक्त पुलिस सेवाओं को सुगम एवं पारदर्शी बनाये जाने के उद्देश्य से फीडबैक सेल का गठन दिनांकः 18.05.2025 को किया गया है। दिनांकः 18.05.2025 से दिनांक: 31.03.2026 तक प्रदान की गयी उपरोक्त सेवाओं से सम्बन्धित आम जनमानस से पुलिस के कार्य एवं आचरण के सम्बन्ध में प्राप्त किए गए फीडबैक का विवरण निम्नवत हैः-उपरोक्त सेवाओं से सम्बन्धित फीडबैक का विवरण निम्नवत है-उपरोक्त पुलिस सेवाओं को सुगम एवं पारदर्शी बनाये जाने के उद्देश्य से फीडबैक सेल का गठन दिनांकः 18.05.2025 को किया गया है। दिनांकः 18.05. 2025 से दिनांक: 31.03.2026 तक प्रदान की गयी उपरोक्त सेवाओं से सम्बन्धित आम जनमानस से पुलिस के कार्य एवं आचरण के सम्बन्ध में प्राप्त किए गए फीडबैक का विवरण निम्नवत हैः-उपरोक्त सेवाओं से सम्बन्धित फीडबैक का विवरण निम्नवत है-सेवा कुल लिए गए फीडबैक की संख्या प्रतिकूल फीडबैक की संख्या एफ0आई0आर0 पंजीकरण 111438 चरित्र सत्यापन 11040 पासपोर्ट सत्यापन जनशिकायत कुल व्यक्तियों की संख्या जिनसे फीडबैक प्राप्त अनुकूल फीडबैक की संख्या प्रतिकूल फीडबैक की संख्या प्रतिकूल फीडबैक का प्रतिशत की गयी 105327मे से 105272 की गई 55 पेंडिंग कुल मिलाकर 0.000005,%मात्र फीडबैक अनुकूल फीडबैंक प्रतिकूल फीडबैक,प्रतिकूल फीडबैक से सम्बन्धित पुलिसकर्मियों के विरूद्ध नियमानुसार विभागीय दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लायी गयी है।पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की फीडबैक सेल द्वारा सिटीजन सेवाओं को और अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक लाख पाँच हजार से अधिक फीडबैक प्राप्त किए गए।इनमें से मात्र 0.000005 प्रतिशत निगेटिव फीडबैक प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि गाजियाबाद पुलिस द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं से नागरिकों की संतुष्टि का स्तर अत्यंत उच्च है। फीडबैक सेल द्वारा किए गए इस व्यापक सर्वेक्षण में 99.999995 प्रतिशत फीडबैक सकारात्मक रहे, जो पुलिस कमिश्नरेट के सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण की मिसाल है।”नागरिकों की संतुष्टि ही हमारा सबसे बड़ा पुरस्कार है। फीडबैक सेल के माध्यम से प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर हम अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।” हमारी प्रतिबद्धता है कि हर नागरिक को भ्रष्टाचार मुक्त, त्वरित और संवेदनशील पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जाए।

2- बेहतर कार्यप्रणाली के कारण आपराधिक घटनाओं में भारी कमी:-गाजियाबाद में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस अधिकारियों को कार्यपालक मजिस्ट्रेटीय शक्तियाँ प्राप्त हुई, जिससे धारा 129 (g) BNSS का प्रभावी उपयोग संभव हुआ है। इस प्रावधान के अन्तर्गत की गई कार्यवाहियों से अभ्यस्त एवं सक्रिय अपराधियों को तीन वर्ष तक पाबन्द कर अपराध की रोकथाम एवं कमी सुनिश्चित हुई है। परिणामस्वरूप कमिश्नरेट गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और सामाजिक शांति स्थापित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।मजिस्ट्रेटीय शक्तियाँ संगठित अपराध, सामाजिक अशांति तथा अन्य गंभीर अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस को व्यापक अधिकार प्रदान करती है जिससे अपराधियों की रोकथाम (Deterrence) तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक उपाय किए जाते हैं तथा आदतन अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों को नोटिस निर्गत करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त की एक्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट के माध्यम से बन्धपत्र (Bond) भरवाकर अच्छे आचरण हेतु पाबन्द किया जाता है, जिससे अपराध नियंत्रण एवं समाज में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।कमिश्नरेट गाजियाबाद में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सुनियोजित कार्यप्रणाली विकसित की गयी है जिसके अन्तर्गत 16663 अपराधियों का सत्यापन किया गया तथा वर्ष 2025 में 5564 अपराधियों के विरूद्ध 129 बी0एन0एस०एस० (आद्धन अपराधियों के विरूद्ध अपराध करने से रोकने के लिए निरोधात्मक कार्यवाही) के अन्तर्गत कार्यवाही की गयी जिसके परिणाम स्वरूप विगत वर्ष के सापेक्ष आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आयी है।सर्दी के मौसम में अपराधों में विगत वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय कमी गाजियाबाद पुलिस की प्रभावी एवं बहु-आयामी रणनीति का परिणाम,सर्दी के मौसम में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अपराधों की संख्या एवं प्रवृत्ति में सामान्यतः वृद्धि देखी जाती है। घना कोहरा, कम दृश्यता, ठंड के कारण लोगों का घरों में अधिक समय व्यतीत करना, रात में कम आवागमन तथा अपराधियों द्वारा इन परिस्थितियों का लाभ उठाकर चोरी, लूटपाट, वाहन चोरी, मोबाइल स्नैचिंग, जेवरात चोरी, घरेलू संपत्ति संबंधी अपराध तथा अन्य सम्पत्ति अपराधों की घटनाओं में वृद्धि होती है।अपराधी अक्सर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फुटपाथ, पार्किंग स्थलों, संवेदनशील इलाकों एवं मुख्य सड़कों पर सक्रिय हो जाते हैं परन्तु पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में सर्दी के मौसम (नवम्बर 2025 से मार्च 2026 तक) में अपनाई गई सख्त, प्रभावी एवं पूर्व-नियोजित रणनीति के फलस्वरूप इस वर्ष विगत वर्ष की तुलना में कुल अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी उपयोग एवं जन-समर्थन के कारण अपराध दर में काफी सुधार हुआ है तथा नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।विगत वर्ष के शीत ऋतु (नवम्बर 2024 से मार्च 2025 तक) के सापेक्ष इस वर्ष के शीत ऋतु (नवम्बर 2025 से मार्च 2026) में घटित आपराधिक घटनाओं का विवरण निम्नवत है:-श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय जे० रविंद्र गौड़ गाजियाबाद के निर्देशन मे अवैध नशे के कारोबार, उसके सेवन तथा अवैध शस्त्रों की तस्करी एवं रखरखाव के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कमिश्नरेट गाजियाबाद मे “ऑपरेशन प्रहार” नामक विशेष अभियान जारी है। जिसके अन्तर्गत अब तक कुल 73 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसके पास से 244.261 किलोग्राम गांजा व अन्य मादक पदार्थ तथा 80 लाख रूपये नकद बरामद किये गये हैं तथा 37 अवैध शस्त्र बरामद किए गए हैं।यह अभियान केवल छापेमारी, नाकाबंदी एवं गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को नशा एवं अवैध हथियारों से मुक्त करने के लिए जन-भागीदारी पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि हर नागरिक, खासकर युवा पीढ़ी, छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक, व्यापारी एवं समाज के हर वर्ग को नशे के घातक दुष्परिणामों, अवैध शस्त्रों के खतरे तथा इन दोनों गतिविधियों से जुड़े कठोर कानूनी परिणामों के बारे में पूर्ण जागरूकता प्रदान की जाए। इसके लिए स्कूलों-कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों आदि में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है तथा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, चौराहों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं आवासीय कॉलोनियों आदि में बैनर, होर्डिंग, पोस्टर आदि चस्पा एवं वितरित कर जन-सामान्य को जागरुक किया जा रहा है।यह अभियान न केवल अपराधियों पर सीधा प्रहार कर रहा है, बल्कि समाज को नशा एवं हिसा मुक्त बनाने की दिशा में जन-जागरूकता का भी मजबूत माध्यम बना है।

3- प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम रखने तथा भयमुक्त समाज के निर्माण के दृष्टिगत अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही एवं अपराध रोकने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रचलित यक्ष एप के क्रियान्वयन की कमिश्नरेट गाजियाबाद में स्थितिः- उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा राज्य स्तर पर विकसित एवं संचालित ‘यक्ष ऐप’ (YAKSH App) को पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में पूर्ण रूप से क्रियान्वित कर दिया गया है। यह ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिग डेटा एनालिटिक्स तथा मल्टीमॉडल टेक्नोलॉजी पर आधारित एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो अपराध रोकथाम, जांच एवं बीट स्तर की निगरानी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, हल्का प्रभारी, बीट उ0नि0, बीट पुलिस अधिकारी इस ऐप को अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड कर सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। सभीअधिकारियों/कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।यक्ष एप के अन्तर्गत कमिश्नरेट गाजियाबाद में अब तक कुल 33650 अर्थात 98.48 प्रतिशत अपराधियों का सत्यापन किया जा चुका है तथा उनका सम्पूर्ण विवरण फोटोग्राफ सहित यक्ष एप में फीड किया जा चुका है तथा उनके निवास स्थान का जीयो टैगिंग किया जा चुका है जिसके परिणामस्वरूप अपराध के अनावरण/नियंत्रण एवं अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही में सहायता मिलने लगी है। यक्ष एप में कमिश्नरेट गाजियाबाद के कुल 2132 बीटों के अन्तर्गत 3680 गली, मोहल्लों की जियो टैगिंग भी की जा चुकी है।यक्ष एप के माध्यम से वाहन चेकिंग व अन्य पुलिस कार्यवाही के दौरान अपराधियों की पहचान करने में सहायता मिल रही है क्योंकि 98.48 प्रतिशत अपराधियों का फोटो सहित सम्पूर्ण विवरण यक्ष एप में फीड हो चुका है।यक्ष ऐप का उपयोग अब नशा तस्करी, अवैध शस्त्रों, संगठित अपराध, वाहन चोरी, लूटपाट एवं अन्य गंभीर अपराधों की रोकथाम एवं जांच में प्रभावी साबित हो रहा है। यह न केवल अपराधियों की पहचान को पलक झपकते ही संभव बनाता है, बल्कि अपराध को जन्म लेने से पहले रोकने की क्षमता भी प्रदान करता है। गाजियाबाद पुलिस इस ऐप का पूर्ण उपयोग कर ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा नशा मुक्त, हथियार मुक्त एवं अपराध मुक्त गाजियाबाद बनाने का संकल्प पूरा करेगी।”

4-कमिश्नरेट गाजियाबाद के विभिन्न थानों एवं कार्यालयों में आगन्तुकों की सुविधाओं तथा पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने के उद्देश से की जा रही नवीनीकरण / आधुनिकीकरणः-पुलिस के थानों एवं कार्यालयों में आने वाले आगन्तुकों की सुविधाओं एवं वहां सेवा प्रदान करने वाले पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से कमिश्नरेट गाजियाबाद के पुलिस कार्यालय, पुलिस लाइन्स, थाना मसूरी, साहिबाबाद, शालीमार गार्डेन, इन्दिरापुरम, लोनी, लिंक रोड के आधुनिकीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त लोहियानगर परिसर स्थित महिला थाना, अपराध शाखा परिवार परामर्श केन्द्र एवं अभिसूचना कार्यालय का भी जिर्णोद्धार एवं नवीनीकरण पूर्ण हो चुका है।थानों एवं कार्यालयों में आगन्तुकों के बैठने, पीने का पानी, शौचालय आदि का उत्तम व्यवस्था किया गया है साथ ही पुलिस कार्यालय एवं लोहियानगर परिसर जहां परिवार परामर्श केन्द्र स्थापित है में आधुनिक कैफेटेरिया का निर्माण कराया गया है।इसी क्रम में अन्य थानों/भवनों जिसमें थाना कविनगर, विजयनगर, कोतवाली, सिहानीगेट, नन्दग्राम तथा लोनी बॉर्डर के आधुनिकीकरण का कार्य शीघ्र ही पूर्ण होने को है।पुलिस मुख्यालय- कमिश्नरेट गाजियाबाद,कमिश्नरेट गाजियाबाद का यह प्रयास “सुरक्षा का नया अध्याय” है।अपराध दर में गिरावट और कानून-व्यवस्था की मजबूती से यह स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से गाजियाबाद को सुरक्षित और शांतिपूर्ण शहर बनाने का संकल्प साकार हो रहा है।

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