24 नवंबर को जंतर मंतर पर देशभर के शिक्षक करेंगे प्रदर्शन: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ 28 राज्यों के शिक्षकों की एकजुटता
संवाददाता धर्मेंद्र चौहान
एटा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक आगामी 24 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए शनिवार को एटा के शहीद पार्क में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले दर्जनों शिक्षक एकत्रित हुए और रणनीति तय की। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन भारत भर के शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 28 राज्यों के शिक्षक शामिल होंगे। उद्देश्य है— न्यायालय के हालिया निर्णय के विरोध में अपनी आवाज सरकार तक पहुँचाना, जिसमें कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 2011 से पहले शिक्षकों की भर्ती बिना टीईटी के की गई थी, जबकि 2011 के बाद से इसे लागू किया गया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को अब अचानक परीक्षा पास करने की शर्त थोपना अन्यायपूर्ण है। इस निर्णय से शिक्षकों में गहरा रोष व्याप्त है।
बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने सर्वसम्मति से दिल्ली प्रदर्शन को ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण ढंग से सफल बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश के शिक्षकों के सम्मान और भविष्य की लड़ाई है












