एटा : अधिवक्ताओं के विरोध के आगे झुकी नगरपालिका, चैंबर तोड़ने पहुंचा बुलडोजर बैरंग लौटा
जिला संवादाता काव्यांश रावत एटा। कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त करने पहुंची नगरपालिका की टीम को अधिवक्ताओं के भारी विरोध के चलते बिना कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। जेसीबी और पुलिस बल के साथ पहुंची टीम को वकीलों की एकजुटता के आगे बैरंग लौटना पड़ा। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, नगरपालिका ने कलेक्ट्रेट परिसर में बने अधिवक्ताओं के चैंबरों को अवैध बताते हुए उन्हें हटाने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर नगरपालिका की टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही चैंबरों को तोड़ने की तैयारी शुरू हुई, अधिवक्ताओं ने विरोध जताते हुए कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में वकील मौके पर एकत्रित हो गए। अधिवक्ताओं का कहना था कि चैंबर वर्षों पुराने हैं और बार एसोसिएशन की सहमति से बनाए गए हैं। ऐसे में बिना उचित नोटिस और बातचीत के उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करना गलत है।
विरोध बढ़ने और अधिवक्ताओं की एकजुटता के चलते नगरपालिका की टीम को पीछे हटना पड़ा। काफी देर तक चली नोकझोंक के बाद जेसीबी को वापस ले जाया गया।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में बिना बातचीत और उचित प्रक्रिया के दोबारा कार्रवाई की गई तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल नगरपालिका की टीम के लौटने के बाद चैंबरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई नहीं हो सकी।
अब बड़ा सवाल यह है कि चैंबरों को अवैध बताने वाली नगरपालिका की कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को नोटिस दिया गया था या नहीं? इस मामले में प्रशासन और नगरपालिका का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।











