एटा में अवैध खनन पर प्रशासन मौन
जिला संवादाता काव्यांश रावत
जनपद एटा उत्तर प्रदेश।
खनन विभाग की नाक के नीचे चलता रहा गोरखधंधा!
एटा।
जनपद एटा में अवैध खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बावजूद खनन विभाग की कार्यवाही का नाम तक नहीं लिया जा रहा। सवाल यह उठता है कि आखिर विभाग लाचार है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है? जानकारी के अनुसार, 8 नवम्बर 2025 को भी एटा सदर तहसील क्षेत्र में खुलेआम अवैध खनन जारी रहा। जबकि पूरे तहसील क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति या संस्था को खनन की अनुमति प्राप्त नहीं है। फिर भी, दिनदहाड़े चल रहे अवैध खनन पर विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब बिना मिलीभगत के संभव नहीं। “तिहाई का हिस्सा कर्तव्यों पर भारी, या फिर मोटी रिश्वत पड़ रही भारी” — यही चर्चाएं अब क्षेत्र में आम हैं। वहीं, खनन विभाग के अधिकारी इस पर लगातार मौन हैं। लगता है जैसे या तो विभाग असहाय है या फिर सब कुछ जानकर भी “अंधा” बना हुआ है। खनन अधिकारी के लिए एक सीधा संदेश—
“तुम्हें आती नहीं है, हमारी जाती नहीं है, यहाँ ‘शर्म’ प्रासंगिक है।”
जनता अब यह पूछ रही है कि जब किसी को खनन का अधिकार ही नहीं है, तो फिर अवैध खनन को रोकने में प्रशासन क्यों लाचार दिखाई दे रहा है?
एटा के लोग अब ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि जिले की मिट्टी और संसाधनों की लूट पर रोक लग सके।












