जिस पालतू कुत्ते के लिए दो सगी बहनों ने दी थी जान, अब वह भी नहीं रहा
लखनऊ में दिल दहला देने वाली घटना, मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आई हृदयविदारक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। जर्मन शेफर्ड नस्ल का पालतू कुत्ता टोनी, जिसके गहरे लगाव में आकर दो सगी बहनों ने आत्महत्या कर ली थी, अब वह भी इस दुनिया में नहीं रहा।
बताया जा रहा है कि टोनी बीते एक महीने से पेट की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उसकी बिगड़ती हालत ने उसकी देखभाल करने वाली दोनों युवा बहनों राधा और जिया को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया था। कुत्ते से अत्यधिक भावनात्मक लगाव के चलते दोनों बहनें डिप्रेशन में चली गईं और तीन दिन पूर्व फिनायल पीकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या से पहले दोनों बहनों ने अपनी मां से आखिरी इच्छा जाहिर करते हुए कहा था—
“हमारे मरने के बाद डॉगी को घर से भगाना मत।”
इस घटना के कुछ ही दिनों बाद गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुत्ते टोनी की भी मौत हो गई।
यह घटना न केवल पालतू जानवरों के प्रति इंसानों के गहरे भावनात्मक रिश्ते को दर्शाती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर पहलुओं को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब मानसिक स्थिति असंतुलित हो जाती है, तो व्यक्ति सही और गलत का निर्णय लेने में असमर्थ हो जाता है।
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ मानसिक संतुलन और समय पर काउंसलिंग भी बेहद जरूरी है। पालतू जानवरों से प्रेम स्वाभाविक है, लेकिन उनका खोना किसी के जीवन का अंत नहीं बनना चाहिए।
नोट: यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या डिप्रेशन से जूझ रहा है, तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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