मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल बने भूपेंद्र सिंह, सात वर्ष पूर्व अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज को किया था देहदान का संकल्प
संवाददाता: योगेन्द्र सिंह एटा। जनपद एटा में मानवता, सामाजिक चेतना और सेवा भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंबेडकर नगर निवासी भूपेंद्र सिंह ने अपनी मृत्यु से सात वर्ष पूर्व ही अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज को अपना शरीर दान करने का संकल्प लिया था। आज उनके निधन के पश्चात परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूपेंद्र सिंह के निधन के बाद परिजन उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के उपरांत परिजनों ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की टीम मौके पर पहुंची और पार्थिव शरीर को अपने सुपुर्द ले लिया।
मृतक के पुत्र ने बताया कि उनके पिता भूपेंद्र सिंह ने जीवित रहते हुए स्पष्ट रूप से यह इच्छा व्यक्त की थी कि मृत्यु के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को दान किया जाए, जिससे चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अध्ययनरत छात्रों को लाभ मिल सके। परिजनों ने उनकी इसी अंतिम इच्छा को सर्वोपरि मानते हुए देहदान का निर्णय लिया।
बताया गया कि भूपेंद्र सिंह पेशे से राजमिस्त्री थे। सादा जीवन और उच्च विचारों के साथ उन्होंने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया। उनके इस निर्णय की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूपेंद्र सिंह का यह कदम समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मृत्यु के बाद भी समाज और चिकित्सा जगत के लिए किया गया उनका यह योगदान लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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