चांदी के दाम में रिकॉर्ड उछाल, एक दिन में 17 हजार से ज्यादा की तेजी

चांदी के दाम में रिकॉर्ड उछाल, एक दिन में 17 हजार से ज्यादा की तेजी

चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। MCX पर चांदी ने एक ही दिन में करीब 17,145 रुपये की छलांग लगाते हुए 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार कर लिया। मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी में करीब 7.66 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद भाव 2,40,935 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।

इस साल चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इसकी मुख्य वजहें मजबूत औद्योगिक मांग, सीमित आपूर्ति, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में बढ़ता निवेश और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हैं।

क्यों तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमत?

डिमांड ज्यादा, सप्लाई कम

चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि खानों से उत्पादन उस रफ्तार से नहीं हो पा रहा। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर और ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते निवेश के चलते चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे बाजार में इसकी कमी बनी हुई है।

इंडस्ट्रियल डिमांड का दबाव

चांदी आज कई उभरते उद्योगों की जरूरत बन चुकी है। सोलर एनर्जी, EV, 5G और AI आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। इन सेक्टरों के विस्तार के साथ चांदी की औद्योगिक मांग और बढ़ने की उम्मीद है।

फेडरल रिजर्व की रेट कट उम्मीदें

अमेरिका में ब्याज दरों में और कटौती की संभावना से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिल रहा है। आसान मौद्रिक नीति और डी-डॉलराइजेशन के रुझान से चांदी में निवेश की लागत कम होती है, जिससे इसके दामों को मजबूती मिलती है।

सोना-चांदी अनुपात का असर

फिलहाल सोना-चांदी अनुपात करीब 60 पर है, यानी एक ग्राम सोना खरीदने के लिए 60 ग्राम चांदी की जरूरत पड़ रही है। ऐतिहासिक तौर पर यह अनुपात करीब 90 के आसपास रहता है, जिससे संकेत मिलता है कि चांदी में अभी और मजबूती की गुंजाइश बनी हुई है।कुल मिलाकर, मजबूत मांग और सीमित सप्लाई के बीच चांदी की कीमतों में तेजी का दौर फिलहाल जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।

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