शीतलहरी से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी, कृषि सम्बंधित मामले में ”क्या करें क्या न करें।’
संवाददाता सायरा सूर्यवंशी गाजियाबाद।शीतलहरी के दृष्टिगत उ०प्र० राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ द्वारा विभागवार शीतलहरी के दौरान “क्या करें-क्या ना करें।” एडवाइजरी प्रेषित की गयी है, जिसके माध्यम से कार्यालय जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा शीतलहरी से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी की गयी जो इस प्रकार है-
रेडियो सुने, टीवी देखें, स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए समाचार पत्र पढ़ें ताकि यह पता चल सके कि क्या शीत लहर होने वाली हैं। पर्याप्त सर्दियों के कपडे पहनें। कपड़ों की कई परतें शरीर का गर्म रखने में अधिक सहायक होती है। आपातकालीन आपूर्ति आवश्यकतानुसार आवश्यक आपूर्ति स्टोर करें एवं तैयार रखें। शीतलहर के दौरान फ्लू, बहती/भरी हुई नाक या नाक से खून जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, जो आमतौर पर ठंड के लंबे समय तक सम्पर्क में रहने के कारण हो जाती है या बढ़ जाती हैं। इस तरह के लक्षणों के लिए डॉक्टर से सम्पर्क करें।
कृषिः क्या करें और क्या न करें
शीतलहर और पाला फसलों को नुकसान पहुंचाते है, खरीफ की फसलों की वृद्धि कम हो जाती है, पत्तियां जल जाती हैं। (पत्तियों पर सफेद, भूरे धब्बे) बन जाते है और पत्तियां सूख कर झुलस जाती है। जिसमें उनमें काला रतुआ, सफेद रतुआ पछेती-सुषार आदि रोग उत्पन्न होतें है। शीत लहर के कारण अंकुरण, वृद्धि पुष्पन, उपज और भंडारण अवधि में विभिन्न प्रकार के शरीरिक व्यवधान का कारण बनती हैं।
क्या करें
ठंड से होने वाली बीमारी के लिए उपचारात्मक उपाय जैसे बेहतर जड़ विकास को सक्रिय करने के लिए बोर्डो मिश्रण या कॉपर ऑक्सी क्लोराइड, फास्फोरस () और पोटेशियम ( का छिडकाव करें।
शीतलहर के दौरान जहां भी संभव हो, हल्की और बार बार सतही सिंचाई करें। यदि संभव हो तो स्प्रिंलकर सिंचाई का उपयोग करें। ठंड प्रतिरोधी पौधों/फसलों/किस्मों की खेती करें। बागवानी और बगीचों में इंटरक्रॉपिंग (अन्तर फसल) खेती का उपयोग करें। टमाटर, बैंगन जैसी सब्जियों की मिश्रित फसल, के साथ सरसों/अरहर जैसी लंबी फसलों ठंडी हवाओं (ठंड के खिलाफ आश्रय) के खिलाफ आवश्यक आश्रय प्रदान करेंगी।
सर्दियों के दौरान युवा फलदार पौधे को प्लास्टिक द्वारा ढककर अथवा पुआल या सरकंडा घास आदि के छप्पर (झुग्गिया) बनाकर विकिरण अवशोषण (Absorption) को बढ़ाया जा सकता है। गर्म तापीय व्यवस्था प्रदान की जा सकती है। जैविक मल्विंग (हवा की गति को कम करने के लिए)।
(सौरभ भट्ट)
अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) गाजियाबाद।
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