हर ग्राम पंचायत में ग्रीन चौपाल—ई-वेस्ट, मेडिकल वेस्ट और सिंगल यूज प्लास्टिक पर कसा शिकंजा, आरआरसी सेंटर चालू कराने के सीडीओ के सख्त निर्देश
संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य
फतेहपुर। गंगा की निर्मलता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित जिला गंगा समिति व जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी नियमित घाटों की साफ-सफाई और कूड़ा उठान की व्यवस्था हर हाल में नियमित की जाए। आवश्यकतानुसार घाटों व सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन और साइनेज बोर्ड लगवाए जाएं, ताकि लोग गंदगी न फैलाएं और कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें।
बैठक में शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रीन चौपाल आयोजित करने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने कहा कि ग्रीन चौपाल को ग्राम चौपाल का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। यह जनसहभागिता आधारित अभियान पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बनेगा।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई-वेस्ट प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा हुई। सीडीओ ने सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध जब्तीकरण की कार्रवाई नियमित और संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए। व्यापारियों व दुकानदारों को जागरूक कर कपड़े और जूट के थैलों के प्रयोग के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को सूखा व गीला अलग-अलग करते हुए नियमानुसार निस्तारण और उसकी नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए। आगामी वर्षाकाल में व्यापक पौधरोपण की तैयारी के तहत जमीन चिन्हित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। साथ ही लगाए गए पौधों की सर्वाइवल रिपोर्ट के आधार पर जहां पौधे जीवित नहीं हैं, वहां नए पौधे रोपित करने के निर्देश दिए गए।
ई-वेस्ट को लेकर नागरिकों को जागरूक करने और उसके एकत्रीकरण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी पंजीकृत अस्पतालों, पैथोलॉजी और मेडिकल संस्थानों की अस्पतालवार सूची उपलब्ध कराई जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि मेडिकल वेस्ट किस एजेंसी के माध्यम से निस्तारित किया जा रहा है।
सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सभी आरआरसी सेंटरों का सुचारु संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर कूड़ा निस्तारण से होने वाली आय का लक्ष्य तय करने को कहा, ताकि कूड़ा उठान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बैठक में प्रशिक्षु आईएएस नौशीन, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुनील कुमार, डीआईओएस राकेश कुमार, डीएफओ, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, नामित सदस्य व नमामि गंगे संयोजक शैलेन्द्र शरन सिंपल, जिला परियोजना अधिकारी गंगा सुरक्षा समिति ज्ञान तिवारी, ईओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।












