बूलगढ़ी कांड पीड़ित परिवार की गुहार, डीएम से मिलकर रखी घर और नौकरी की मांग
संवाददाता – अश्वनी कुमार हाथरस के चंदपा क्षेत्र स्थित बूलगढ़ी कांड के पीड़ित परिवार ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सामने रखीं। परिवार ने गंभीर आर्थिक तंगी, बच्चों की शिक्षा बाधित होने और रोजगार न मिल पाने की बात कहते हुए सरकार से ठोस सहायता की मांग की।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में दिया गया मुआवजा कोर्ट में मुकदमे की पैरवी और पिछले पांच वर्षों के राशन आदि आवश्यक खर्चों में समाप्त हो चुका है। वर्तमान में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है, जिससे रोजमर्रा का गुजारा भी कठिन होता जा रहा है।
परिवार ने बताया कि सीआरपीएफ की सुरक्षा में रहने के कारण वे कहीं बाहर जाकर नौकरी नहीं कर पा रहे हैं। सुरक्षा कारणों और डर के माहौल की वजह से बच्चे भी पिछले पांच साल से स्कूल नहीं जा सके हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
पीड़ित परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गाजियाबाद या नोएडा में आवास उपलब्ध कराने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उनका कहना है कि हाथरस से दूर किसी सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में रहने से वे सामान्य जीवन जी सकेंगे।
जिलाधिकारी ने परिवार की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा।
सितंबर 2020 में हुई थी घटना
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2020 में बूलगढ़ी गांव में एक युवती के साथ हुई घटना ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस मामले में चार युवकों को आरोपी बनाया गया था। न्यायालय ने मामले को गैर-इरादतन हत्या मानते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया था, जबकि एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जो वर्तमान में जेल में बंद है।
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