चार साल बाद भी ‘हर घर नल से जल’ अधूरा: पारसपट्टी में टंकी नहीं, 1.5 करोड़ के गबन का आरोप
संवाददाता: आयशा अल गजल
सुल्तानपुर।



सुल्तानपुर जनपद के मोतिगरपुर ब्लॉक स्थित पारसपट्टी गांव में ‘हर घर नल से जल’ योजना चार वर्षों बाद भी धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सकी है। योजना के लिए स्वीकृत बजट खर्च हो जाने के बावजूद गांव में अब तक पानी की टंकी का निर्माण नहीं हो पाया, जिससे करीब 6000 की आबादी वाला यह गांव आज भी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता वंशराज दुबे ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर प्रशासन और संबंधित विभाग पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, शिकायतकर्ता व गांव के पूर्व प्रधान आशीष कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पारसपट्टी में पानी की टंकी का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर केवल एक कमरा और बाउंड्री वॉल बनाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया।
पूर्व प्रधान का आरोप है कि कागजों में कार्य को पूर्ण दिखा दिया गया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी गांव शेखपुर, जिसकी आबादी पारसपट्टी से कम है, वहां टंकी बनकर पानी की सप्लाई भी शुरू हो चुकी है, जबकि पारसपट्टी का प्रस्ताव सबसे पहले स्वीकृत हुआ था। इसे उन्होंने शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही करार दिया।
आशीष कुमार के अनुसार, उनकी शिकायत के बाद प्रशासन ने 11 नवंबर तक पानी की आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन नवंबर बीत जाने के बाद भी टंकी का आधार तक तैयार नहीं हो सका। गांव में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन टंकी न होने के कारण नलों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस परियोजना का कार्य गायत्री कंपनी को सौंपा गया था, जिसने लगभग 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान लेने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से बजट का दुरुपयोग किया गया, जिसका खामियाजा आज भी गांववाले भुगत रहे हैं।
इस पूरे मामले पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) वकार अहमद ने बताया कि बजट की कमी के कारण कार्य रुका हुआ था। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, कार्य को फिर से शुरू करा दिया जाएगा।












