कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासनिक व्यवस्था नाकाफी
संवाददाता: प्रताप सिंह
जमुई, बिहार : जमुई जिला अंतर्गत मौसम के लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सुबह से ही पड़ रही कड़ाके की ठंड और कोहरे की वजह से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो चली है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इस भीषण ठंड में सबसे अधिक परेशान नजर आ रहे हैं। गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की स्थिति इस मौसम में दयनीय बनी हुई है।
ठंड के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन वर्ग एक से पांच तक की कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। वहीं कक्षा पांच से ऊपर की पढ़ाई पूर्व निर्धारित समय के अनुसार सुचारू रूप से जारी रहेगी। प्रशासन के आदेशानुसार सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र एवं निजी विद्यालय भी बंद रखे गए हैं। मैट्रिक परीक्षा की तैयारी हेतु संचालित उच्च वर्ग की कक्षाएं यथावत चलती रहेंगी।
लेकिन दूसरी ओर इस भीषण ठंड में राहत के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। शहर के चौक-चौराहों पर न तो अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है और न ही गरीबों के लिए कंबल या गर्म कपड़ों के वितरण का कोई अभियान शुरू हुआ है। इससे आम जनता, विशेषकर दैनिक मजदूरी करने वाले और निर्धन परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी भयावह है। वहाँ कई ऐसे परिवार हैं जिनके पास न पर्याप्त गर्म कपड़े हैं और न ही ठंड से बचने के लिए मजबूत छत की सुविधा। इसके बावजूद अलाव जैसी न्यूनतम राहत व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मौन साधे हुए है, जिससे गरीब तबके के लोगों में निराशा बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत प्रभाव से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंदों को ठंड से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल बढ़ती ठंड के बीच प्रशासनिक उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
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