सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा 1.5 लाख तक का फ्री इलाज,सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू कर दी है।
संवाददाता बिपिन मिश्रा कुंडा प्रतापगढ़
उत्तर प्रदेश इसका मुख्य उद्देश्य गोल्डन ऑवर हादसे के तुरंत बाद का पहला एक घंटा में मरीज को बिना किसी वित्तीय बाधा के सही इलाज मुहैया कराना है।योजना की मुख्य बातें हर घायल व्यक्ति को प्रति दुर्घटना अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।यह लाभ दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक के अस्पताल खर्च के लिए मान्य होगा।यह योजना भारत के सभी नागरिकों (चाहे उनके पास बीमा हो या न हो) और विदेशी नागरिकों के लिए भी लागू है।इलाज आयुष्मान भारत (PM-JAY) से जुड़े सभी सूचीबद्ध अस्पतालों और अन्य नामांकित अस्पतालों में कराया जा सकेगा।इसमें ट्रॉमा और पॉलीट्रॉमा जैसे गंभीर मामलों का इलाज शामिल है।दुर्घटना के तुरंत बाद घायल को नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल ले जाना होगा।योजना का लाभ उठाने के लिए दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को सूचित करना अनिवार्य है।मरीज या उसके परिजनों को कोई बिल नहीं भरना होगा। अस्पताल सीधे मोटर वाहन दुर्घटना कोष से अपना क्लेम सेटल करेगा।घायल व्यक्ति का आधार कार्ड या कोई भी वैध फोटो पहचान पत्र अस्पताल में देना होगा।
हिट-एंड-रन मामलों में विशेष राहत
सरकार ने इस योजना के साथ ही हिट-एंड-रन के मामलों में मुआवजे की राशि को भी बढ़ा दिया है। अब ऐसे मामलों में मृत्यु होने पर परिवार को ₹2 लाख और गंभीर रूप से घायल होने पर ₹50,000 की सहायता दी जाती है।यदि मरीज की स्थिति 7 दिनों के बाद भी गंभीर रहती है, तो आगे का इलाज सामान्य प्रक्रियाओं या व्यक्ति की अपनी बीमा पॉलिसी के तहत होगा।
ये भी पढ़ें गुलावठी में साइबर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया












