कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। उत्तर प्रदेश मुखिया के आदेशों की अनदेखी तो जनता की शिकायतों और न्याय व्यवस्था भी सिर्फ़ मामूली
संवाददाता पवन सूर्यवंशी कानपुर मुख्यमंत्री योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में बड़ा खेल!केडीए पर IGRS पोर्टल में फर्जी निस्तारण का आरोप, 12 अनुस्मारकों की अनदेखी कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट IGRS पोर्टल पर मिथ्या व भ्रामक रिपोर्ट भेजकर फर्जी निस्तारण किए जाने का सनसनीखेज बड़ा मामला उजागर।
बर्खास्त दलित कर्मचारी राकेश रावत ने खुलासा किया है कि कानपुर मंडलायुक्त विजयेंद्र पांड्यन द्वारा भेजे गए 12 अनुस्मारक पत्रों का आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया बल्कि झूठा निस्तारण कर दिया गया।
सवालों के घेरे में केडीए और प्रशासन 12 बार अनुस्मारक के बावजूद केडीए की चुप्पी,IGRS पोर्टल पर झूठी आख्या भेजकर भ्रष्टाचार छिपाने का आरोप
तत्कालीन उपाध्यक्ष अरविंद सिंह और सचिव शत्रोहन वैश्य पर गंभीर आरोप,शपथपत्र सहित सत्य रिपोर्ट देने के बाद भी शून्य कार्रवाई अनुसूचित समाज से आने वाले राकेश रावत का दावा,भेदभावपूर्ण रवैया अपनाकर सुनियोजित तरीके से बर्खास्तगी बड़े भ्रष्टाचारियों के नाम उजागर होने के बावजूद सिर्फ अनुसूचित समाज से आने वाले कर्मचारी को बनाया गया बलि का बकरा,भ्रष्टाचारियों का सिंडीकेट बेनकाब?
केडीए में मजबूत भ्रष्टाचार सिंडीकेट पर गंभीर सवाल सच दबाने और प्रत्यारोप थोपने का आरोप,कर्मचारी के जीवन से खिलवाड़ का बड़ा दावा
पीड़ित के अनुसार जब मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े IGRS पोर्टल का है,तो क्या फर्जी निस्तारण पर होगी बड़ी कार्रवाई?या फिर सच को दबाने की कोशिश यूं ही चलती रहेगी
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