बसंत पंचमी पर आस्था का सैलाब, संगम तट पर 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
संवाददाता बिपिन मिश्रा कुंडा प्रतापगढ़
प्रयागराज। धर्म, अध्यात्म और आस्था की त्रिवेणी माघ मेला 2026 के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व बसंत पंचमी पर आज प्रयागराज में जनसागर उमड़ पड़ा। संगम की रेती पर सुबह से ही हर-हर गंगे के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं का रेला लगा हुआ है।आंकड़ों में आस्था का सैलाब प्रशासन द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, शाम 4 बजे तक का आंकड़ा: लगभग 3 करोड़ 20 लाख श्रद्धालुओं ने संगम और अन्य घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाई। घाटों पर अभी भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला थमा नहीं है, जिससे यह संख्या देर रात तक और बढ़ने की उम्मीद है। केसरिया रंग में रंगा संगम आज सुबह से ही संगम के विभिन्न घाटों पर अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। बसंत पंचमी के महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में स्नान किया और सुख-समृद्धि की कामना की, बसंत पंचमी को विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस और ऋतुराज बसंत के आगमन के रूप में मनाया जाता है। माघ मेले में इस दिन का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी
भीड़ को नियंत्रित करने और स्नान को सुगम बनाने के लिए मेला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और एटीएस की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है श्रद्धालुओं के लिए विशेष चेंजिंग रूम, पीने का पानी और चिकित्सा शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। संगम के तट पर अभी भी जयघोष गूंज रहे हैं और लोग कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। भारी भीड़ के बावजूद मेला क्षेत्र में अनुशासन और श्रद्धा का संगम दिखाई दे रहा है।
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