उत्तर प्रदेश में पुलिस में हड़कंप, 31 जनवरी तक संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया, तो रुकेगी जनवरी की सैलरी
संवाददाता बिपिन मिश्रा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और विशेषकर पुलिस विभाग के लिए पारदर्शिता की दिशा में एक कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिन पुलिसकर्मियों ने 31 जनवरी 2026 तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया, उन्हें इस महीने का वेतन नहीं दिया जाएगा। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस बल के एक बड़े हिस्से ने अभी तक सरकार के इस आदेश का पालन नहीं किया है। लगभग 42% पुलिसकर्मियों ने अभी तक अपनी संपत्तियों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज नहीं कराया है।
इसमें सिपाही से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल हैं।
सरकार ने पहले भी कई बार समय-सीमा बढ़ाई थी, लेकिन इस बार प्रशासन किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सभी राज्य कर्मचारियों के लिए यह नियम अनिवार्य किया है। DGP मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और इकाई प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों का विवरण समय पर सुनिश्चित कराएं।अधिकारी का कथन पारदर्शिता शासन की प्राथमिकता है। यदि निर्धारित समय के भीतर ब्योरा पोर्टल पर नहीं दिखता, तो संबंधित कर्मी का डेटा पे-रोल सिस्टम से स्वत: बाहर हो जाएगा और जनवरी माह का वेतन बाधित रहेगा।












