मैनपुरी: किशनी में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, डीएम ने अपील की खारिज, 3 दिन का अल्टीमेटम

मैनपुरी: किशनी में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, डीएम ने अपील की खारिज, 3 दिन का अल्टीमेटम

संवाददाता: पंकज मिश्रा

मैनपुरी जनपद की किशनी तहसील में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बेदखली की कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी मैनपुरी द्वारा अपील निरस्त किए जाने के बाद अब अवैध निर्माण हटाने के लिए तीन दिन का अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। समय सीमा के भीतर निर्माण न हटाने पर बुलडोजर की कार्रवाई तय मानी जा रही है। तहसीलदार न्यायालय के आदेश से शुरू हुई कार्रवाई
मामला ग्राम किशनी टी०ए० स्थित गाटा संख्या 1768 और 1769 से जुड़ा है, जो ग्राम सभा एवं नगर पंचायत की भूमि बताई जा रही है। तहसीलदार किशनी न्यायालय ने वाद संख्या टी202401490404108 (ग्राम सभा बनाम अभयराम सिंह आदि) में 29 मार्च 2025 को आदेश पारित करते हुए उक्त भूमि से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। आदेश के तहत कब्जाधारी द्वारा किए गए निर्माण को हटाने के लिए नोटिस चस्पा करने के भी निर्देश दिए गए थे।
मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद खुला मामला
जानकारी के अनुसार आगरा निवासी अरविंद सिंह पुत्र शिवराम ने मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार किशनी न्यायालय में धारा 67 के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभयराम सिंह द्वारा सरकारी चकरोड और नाली पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया है, जिससे आम रास्ता संकरा हो गया और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
जिलाधिकारी न्यायालय ने अपील की खारिज
तहसीलदार के आदेश के खिलाफ अभयराम सिंह ने जिलाधिकारी न्यायालय में धारा 67(5) के अंतर्गत अपील संख्या डी 202601490000095 दाखिल की थी। जिलाधिकारी न्यायालय ने 28 जनवरी 2026 को अपील को निरस्त करते हुए तहसीलदार न्यायालय के आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा।
तीन दिन में स्वयं हटाना होगा अवैध निर्माण
डीएम के आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने पुनः कार्रवाई करते हुए कब्जाधारी को तीन दिवस के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का अंतिम अवसर दिया है। राजस्व निरीक्षक भानु वीर सिंह द्वारा अभयराम सिंह के मकान पर नोटिस चस्पा किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन द्वारा बलपूर्वक बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, निर्माण हटाने में आने वाला पूरा खर्च संबंधित कब्जाधारी से ही वसूला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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