तत्कालीन एसडीएम सदर उदय भान सिंह की काली करतूतों से प्रतापगढ़ की सदर तहसील का भरा पड़ा है, अभिलेखागार.
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ
तत्कालीन एसडीएम सदर उदय भान सिंह तालाबी आराजी को बेंचने से नहीं आये बाज, अपने कार्यकाल में न्यायालय में जानबूझकर कराते थे, मुकदमें का दायरा…दलालों के जरिये तत्कालीन एसडीएम सदर उदय भान सिंह सरकारी जमीनों का भी करते थे, सौदा ! पेशकार और अहलमद सहित दलालों के माध्यम से वादी और प्रतिवादी दोनों को अलग-अलग समय करते थे, डील… बाहरी ब्यक्तियों के द्वारा सदर तहसील के बाहर मुकदमें में आदेश की पत्रावली होती थी, तैयार ! नियम-कानून को ताख पर रखकर तत्कालीन एसडीएम सदर उदय भान सिंह द्वारा जारी किये जाते थे, आदेश… शहरी क्षेत्र में अलग-अलग मुहल्ले में SDM सदर कोर्ट में कार्यरत प्राइवेट आदमियों द्वारा कमरा लेकर रखा गया था। वहाँ शाम को रंगीन डिनर पार्टी होती थीऔर वहीं आदेश पत्रावली पर चिड़िया बैठाकर पत्रावली उड़ा दी जाती थी। तभी तो चन्द्रनाथ बनाम सरकार के प्रकरण में एक ही दिनांक पर दो-दो आदेश जारी हो गए.












