एटा में ‘ऑपरेशन रक्षा’ के तहत बड़ी कार्रवाई: 8 बाल श्रमिक कराए गए मुक्त, कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी
संवादाता अमन अहमद।
एटा में बाल श्रम और इससे जुड़े अपराधों पर रोक लगाने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने ‘ऑपरेशन रक्षा’ अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की। इस दौरान थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 8 बाल/किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया। यह संयुक्त कार्रवाई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रवर्तन दल, चाइल्ड केयर यूनिट और बाल संरक्षण विभाग द्वारा की गई। टीम ने होटल, ढाबों, पंचर की दुकानों, मोटरसाइकिल रिपेयरिंग शॉप, केमिस्ट और किराना दुकानों समेत कई संस्थानों की गहन जांच की। अभियान के दौरान बाल श्रम के दुष्परिणामों को लेकर लोगों को जागरूक भी किया गया। यह अभियान पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा श्याम नारायण सिंह के निर्देशन में चलाया गया। कार्रवाई का पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेंद्र कुमार और क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप द्वारा किया गया।अभियान में एएचटी/एसजेपीयू प्रभारी निरीक्षक गौरव सक्सेना, श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजबाबू, सहायक दीपेन्द्र शर्मा, बबलू सिंह तथा एनजीओ प्रभारी अमरीश राय की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम ने हाथीगेट मार्केट, मिर्ची बाजार, बाबूगंज मार्केट और नन्नूमल चौराहा जैसे प्रमुख इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बाल श्रम उन्मूलन, मानव तस्करी और बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाई गई। आमजन को ‘बचपन बचाओ, शिक्षा दिलाओ, पढ़ेगा भारत तभी तो आगे बढ़ेगा भारत’ अभियान के तहत जागरूक किया गया। साथ ही आपातकालीन सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1098, 108, 112, 1076 और 181 की जानकारी भी दी गई। मुक्त कराए गए सभी 8 बाल/किशोर श्रमिकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। टीम ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और प्रतिष्ठान मालिकों से 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को काम पर न रखने की सख्त अपील की।












