चेतना प्रवाह कार्यक्रम हुआ सम्पन्न।
रिपोर्टर अजय कुमार गाजीपुर।साहित्य चेतना समाज के ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रमुख उद्यमी साहित्यप्रेमी रामजी केशरी के नगर के स्टीमरघाट स्थित आवास पर काव्य एवं गीत-संगीत की रसधार बही।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि अनन्तदेव पाण्डेय अनन्त एवं संचालन संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने किया।उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जहाँ वर्तमान परिवेश की विसंगतियों को रेखांकित किया वहीं गायकों ने अपने सुमधुर कंठ से गीत व भजन सुनाकर सभी को रससिक्त कर दिया।युवा शायर गोपाल गौरव ने ‘प्यार ही बस प्यार हो ऐसी कोई तरकीब कर/गोलियाँ बारूद मत रख आदमी के वास्ते’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।वरिष्ठ गीतकार नागेश मिश्र ने ‘कैसे बताऊँ अजनबी किसकी तलाश है/खुद गुमशुदा हुआ हूँ खुद की तलाश है’ प्रस्तुत किया तो श्रोताओं की ओर से करतल ध्वनि के रूप में स्नेह-गंगा उमड़ आई।
वरिष्ठ व्यंग्यकार अमरनाथ तिवारी अमर ने ‘आगे बढ़ते उत्साही को कब रोक सकीं दुर्गम राहें/मंजिल खुद उसे बुलाती है फैला करके दोनों बाहें’ सुनाकर अतीव प्रशंसा अर्जित की।सुपरिचित गायक संजय पाण्डेय ने भावपूर्ण भजन ‘माया के दीवाने मत बन/गा ले प्रभु के गुण रे वन्दे’ सुनाकर सभी को आनन्दित किया।कार्यक्रम के अध्यक्ष अनन्तदेव पाण्डेय अनन्त ने अपनी चर्चित रचना ‘गँऊवों गाँव बुझाते नइखे’ सुनाकर आयोजन को ऊँचाई प्रदान की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संस्था के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी,भरतजी केशरी,विनोद कुमार,राकेश कुमार आदि उपस्थित थे।अंत में रामजी केशरी ने होली का उपहार भेंट कर सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
ये भी पढ़ें गाजीपुर: प्रस्तावित जनपद भ्रमण के दृष्टिगत सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा संपन्न












