भक्ति के चरमोत्कर्ष और पुष्पों की अविरल वर्षा में सराबोर हुआ ‘मंगलमय परिवार’ का दिव्य ‘फूलों की होली’ महोत्सव

भक्ति के चरमोत्कर्ष और पुष्पों की अविरल वर्षा में सराबोर हुआ ‘मंगलमय परिवार’ का दिव्य ‘फूलों की होली’ महोत्सव

संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर

गाजियाबाद, 05 मार्च 2026:
मर्यादा, संस्कृति और सामाजिक समरसता की संवाहक संस्था मंगलमय परिवार, गाजियाबाद द्वारा आयोजित भव्य ‘फूलों की होली’ महोत्सव ने भक्ति, संगीत और आत्मीय उल्लास का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। नेहरू नगर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित यह उत्सव मात्र एक होली मिलन समारोह नहीं, बल्कि श्रद्धा, सामूहिक आनंद और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा महोत्सव बन गया, जहाँ उपस्थित प्रत्येक हृदय ब्रज की अलौकिक पुष्प-होली के आनंद में सराबोर दिखाई दिया। महोत्सव का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुरूप अत्यंत आत्मीय वातावरण में हुआ। आगंतुकों का स्वागत ढोल की गूँजती थाप के साथ किया गया तथा वरिष्ठ सदस्यों द्वारा सुगंधित चंदन तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की आध्यात्मिक आधारशिला ज्योति सेवा के बालकों द्वारा प्रस्तुत हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ से रखी गई, जिसने समूचे वातावरण को सात्विक ऊर्जा और भक्तिभाव से आलोकित कर दिया। सांस्कृतिक संध्या का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध वंशी वादक श्री अनुराग जी का मनमोहक वादन रहा। उनकी वंशी की मधुर तान और सैक्सोफोन के सुरीले संगम ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात मुरलीधर की दिव्य धुन पूरे सभागार में गूँज रही हो। उत्सव का उल्लास तब और बढ़ गया जब बॉलीवुड के ख्यातनाम संगीत निर्देशक *श्री संकल्प श्रीवास्तव* जी ने अपने मधुर भजनों की प्रस्तुति से वातावरण में नई ऊर्जा का संचार किया। उनके भजनों की सुरलहरियों पर श्रद्धालु झूमते और थिरकते दिखाई दिए। इसके पश्चात *श्री रजत मित्तल* जी ने ब्रज के पारंपरिक रसिया और लोकधुनों के माध्यम से कार्यक्रम को और ऊँचाइयों तक पहुँचा दिया। कार्यक्रम का सबसे अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला जब लगभग एक घंटे तक श्रोतागण अनवरत नृत्य करते हुए आनंद में डूबे रहे। ऊपर से होती पुष्पों की अविरल वर्षा, वातावरण में फैली पुष्प-सुगंध और संगीत की मधुर तरंगों ने ऐसा समां बाँधा कि वृद्ध, युवा और बालक—सभी सामाजिक संकोच त्यागकर उल्लास के महासागर में झूमते रहे। मानो ब्रजधाम की होली गाजियाबाद की धरती पर साकार हो उठी हो। उल्लेखनीय है कि मंगलमय परिवार निरंतर ऐसे धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में प्रेम, एकता और सद्भावना को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहा है। हाल ही में संस्था द्वारा कविनगर स्थित रामलीला मैदान में पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्रीराम कथा एवं महा-यज्ञ को भी व्यापक सराहना प्राप्त हुई थी। ‘फूलों की होली’ महोत्सव उसी सांस्कृतिक यात्रा का एक और स्मरणीय पड़ाव सिद्ध हुआ।

सुरुचिपूर्ण सहभोज

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अत्यंत स्वादिष्ट, चटपटी चाट और स्नेहपूर्ण सात्विक भोजन का आनंद लिया। परस्पर मिलन, शुभकामनाओं और आत्मीय संवाद के साथ इस भव्य उत्सव का समापन हुआ।

विनीत,मंगलमय परिवार, गाजियाबाद

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