पूज्य संतवर स्वामी श्री प्रखर जी महाराज की दिव्य प्रेरणा और अखंड तप के परिणामस्वरूप ब्रह्मतीर्थ पुष्कर की पावन धरा पर शत पुरश्चरण गायत्री महायज्ञ साकार हो रहा है।
संवाददाता आदित्य द्विवेदी ऊंचाहार
पिछले एक वर्ष से स्वामी श्री प्रखर जी महाराज गाँव-गाँव और नगर-नगर जाकर ब्राह्मण समाज को जागृत कर रहे हैं कि वह अपनी सनातन परंपरा, तेजस्विता और दैवी गुणों को पुनः जागृत कर लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करे। श्री प्रखर परोपकार मिशन ट्रस्ट एवं विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपूर्ण ब्राह्मण समाज के सहयोग से आयोजित 27 करोड़ गायत्री मंत्र जपों का “शत पुरश्चरण महायज्ञ” वास्तव में हजारों वर्षों बाद घटित हो रहा एक ऐतिहासिक और अद्वितीय आध्यात्मिक आयोजन है। यह महाअनुष्ठान केवल यज्ञ नहीं, बल्कि ब्राह्मणत्व की पुनः प्रतिष्ठा, सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की सामूहिक चेतना का दिव्य संकल्प है। 19 अप्रैल तक ब्रह्मतीर्थ पुष्कर में चलने वाले इस दिव्य गायत्री महायज्ञ में समस्त सनातन धर्मावलंबियों से निवेदन है कि वे इस महायज्ञ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें और इस दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के साक्षी बनें












