यूपी एसआई भर्ती की परीक्षा में जो प्रश्न पत्र सार्वजनिक हुआ वह बेहद आपत्तिजनक है।।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ
इस तरह के प्रश्न पत्र बनाने वाले आखिर कौन लोग हैं, जो समाज में ब्राह्मण जाति को लगातार टारगेट करके कुचक्र रचते हुए नफरत फैलाने और उन्हें अपमानित करने का काम कर रहे हैं। योगी सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से स्वयं भाजपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार कार्य करने में लगा हुआ है। मुख्यमंत्री पद से योगी आदित्यनाथ को हटाने में दिल्ली दरबार का हर कदम अभी तक विफल रहा है। पहले यूजीसी काले कानून को लाकर सवर्ण जाति को योगी सरकार के खिलाफ करने का षड्यंत्र उजागर हो चुका है। दिल्ली दरबार का दाँव उल्टा पड़ गया। इसे भाँपते हुए सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कोई विरोध नहीं किया और स्टे ऑर्डर होने दिया।विपक्ष की सारी भूमिका स्वयं दिल्ली दरबार ही निर्वहन कर रही है। योगी को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए दिल्ली दरबार चाल पर चाल चले जा रही है। आम जनता हर चाल को समझ भी रही है। दिल्ली दरबार की चाल कहीं उसे कालिदास न बना दे। क्योंकि किसी भी चीज की अति खराब होती है। देश के अंदर हर जगह ब्राह्मण को ही निशाना बनाया जा रहा है। आखिर क्यों ? ब्राह्मण कोई भिखारी नहीं है कि वह किसी की भिक्षा पर आश्रित है। सच बात तो यह है कि ब्राह्मण के बिना शासन सत्ता न कभी संचालित हुई है और न कभी संचालित हो सकेगी। भूकने के लिए कोई भी भूकता रहे। उसे पूरी छूट है। फिलहाल सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी से सभी ब्राह्मण यही अपेक्षा कर रहे हैं कि यूपी एसआई की परीक्षा में प्रश्न पत्र तैयार करने वाली कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर देना चाहिए। भविष्य में उनसे दूसरी परीक्षा का प्रश्न पत्र कभी भी न तैयार कराया जाए। कमेटी के ऊपर ब्राह्मणों को अपमान करने का मुकदमा लिखाकर उन्हें जेल भेज देना चाहिए। ।












