फतेहपुर में साइबर ठगों का किला ध्वस्त! पुलिस का बड़ा एक्शन—देशभर में फैले ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य । जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेट्रोमोनियल साइट के नाम पर शादी कराने का झांसा देकर कॉल सेंटर के जरिए आमजन से वित्तीय ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कंप्यूटर आदि बरामद किए हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए एसपी ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के क्रम में 31 मार्च को साइबर क्राइम पुलिस को अहम सुराग मिले। इसके आधार पर राधानगर थाना क्षेत्र के देवीगंज मोहल्ले में किराए के मकान में संचालित फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया गया। यहां मेट्रोमोनियल वेबसाइट के नाम पर शादी कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से आदित्य यदु, अनिल कुमार, दिनेश कुमार बंजारे, नीलम, तनु शर्मा और श्रेया मिश्रा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे “यूनिक रिश्ते डॉट कॉम” वेबसाइट के माध्यम से शादी के इच्छुक महिला-पुरुषों के मोबाइल नंबर प्राप्त करते थे। इसके बाद उन्हें कॉल कर अलग-अलग पैकेज (2999 रुपये से 29999 रुपये तक) के ऑफर दिए जाते थे और क्यूआर कोड के जरिए बैंक खातों में पैसा जमा कराया जाता था।

आरोपी लोगों को व्हाट्सएप पर लड़के-लड़कियों के फर्जी फोटो भेजते थे। फोटो पसंद आने पर एक मोबाइल नंबर दिया जाता था, जिस पर बातचीत कराई जाती थी। विश्वास जीतने के लिए एक-दो बार फर्जी बातचीत भी कराई जाती थी और भुगतान होने के बाद संपर्क समाप्त कर दिया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह कॉल सेंटर पिछले 18 महीनों से संचालित हो रहा था। आगरा निवासी अमित कुमार की मदद से फर्म का पंजीकरण कराया गया था और वही फर्जी फोटो व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। सिम कार्ड कानपुर की एक महिला कर्मचारी के माध्यम से लिए जाते थे। ठगी से प्राप्त धनराशि से कर्मचारियों को वेतन देने के बाद शेष रकम अमित, अनिल व अन्य आरोपी आपस में बांट लेते थे।
आरोपियों ने बताया कि कंपनी के नाम से विभिन्न बैंकों में करीब छह खाते संचालित हैं। करीब छह माह पूर्व तनु शर्मा के नाम से खाता खुलवाकर लेन-देन का कार्य सौंपा गया था। वहीं दिनेश बंजारे कानपुर में “शुभ मंगल जोड़ी” नाम से इसी तरह की एक अन्य फर्म भी संचालित करता है। नीलम और श्रेया टीम लीडर के रूप में कार्य कर रही थीं।
एसपी ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड अमित कुमार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनआरपी पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 17 शिकायतें दर्ज हैं, जो छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात से संबंधित हैं।
इस कार्रवाई का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी अपराध प्रगति यादव ने किया। टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक मो. कमर खान, उपनिरीक्षक रणधीर सिंह, मुख्य आरक्षी सुमेश कुमार, आरक्षी अभिषेक कुमार, अरुण कुमार, शुभेंदु रंजन तथा महिला आरक्षी सुगंधा शामिल रहीं।













