भक्ति की बयार: ‘भगवान नाम संकीर्तन’ से ही संभव है जीव का कल्याण – यशोदानन्दन महाराज
संवाददाता आयुष मिश्र सहसों (थानापुर),
प्रयागराज ग्राम थानापुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आध्यात्मिक उत्साह अपने चरम पर रहा। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ रही है, श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंगलवार को कथा स्थल पर हजारों भक्तों ने व्यास पीठ के समक्ष शीश नवाया और भक्ति रस का आनंद लिया।
कलयुग में केवल नाम अधारा
कथाव्यास यशोदानन्दन महाराज ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में भागदौड़ और मानसिक अशांति के बीच केवल भगवान का नाम ही एक ऐसा सहारा है, जो प्राणी को मोक्ष और शांति दिला सकता है।
“भगवान का स्वरूप चाहे जो भी हो, श्रद्धापूर्वक किया गया उनका सुमिरन ही प्राणी के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।” — यशोदानन्दन महाराज
भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम
कथा के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ के कारण पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा। भजन-कीर्तन पर झूमते श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थित रूप से कथा श्रवण की व्यवस्था की गई है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य यजमान मानिकचन्द्र दुबे ने सपत्नीक पूजन अर्चन किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी सम्मिलित हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
शिवबाबू दुबे, पिंटू दुबे, रामसुख दुबे
देवराज दुबे, कृष्णचन्द्र पाण्डेय, पवन शुक्ल
सुनील तिवारी ‘रूद्र’, ऋतुराज पाण्डेय
ऋषिकेश पाण्डेय, अंशू पाण्डेय
सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और दूर-दराज से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।












