“RTI का अपमान या प्रशासन की मनमानी? बेरला जनपद पंचायत में 3 घंटे इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचे CEO”
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेरला जनपद पंचायत में प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक RTI आवेदक को दोपहर 2:00 बजे पीसी (पब्लिक काउंसिलिंग) में बुलाया गया, लेकिन शाम 5:00 बजे तक संबंधित सीईओ के उपस्थित नहीं होने से आवेदक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना ने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सूचना के अधिकार (RTI) जैसे महत्वपूर्ण कानून की भी खुलेआम अनदेखी को उजागर किया है। मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक अपनी RTI से संबंधित जानकारी और समाधान की उम्मीद लेकर तय समय पर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचा था। उसे भरोसा दिलाया गया था कि निर्धारित समय पर उसकी बात सुनी जाएगी। लेकिन समय बीतने के बावजूद सीईओ कार्यालय नहीं पहुंचे और आवेदक को बिना किसी स्पष्ट सूचना के घंटों इंतजार करना पड़ा। आवेदक ने इस पूरे घटनाक्रम को “RTI और आम नागरिक के अधिकारों के साथ मजाक” बताया। उसका कहना है कि यदि अधिकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो सकते, तो इस तरह बुलाकर लोगों का समय बर्बाद करना और मानसिक रूप से परेशान करना पूरी तरह अनुचित है। इस दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे स्थिति और निराशाजनक हो गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पहले भी इस तरह की लापरवाही सामने आ चुकी है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह अनदेखा कर दिया जाएगा।












