“RES विभाग में भारी लापरवाही का खुलासा: स्टाफ की कमी से विकास कार्य ठप, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल”
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेमेतरा साजा जनपद क्षेत्र में RES (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जनपद स्तर पर जहां कम से कम 4 अधिकारियों की आवश्यकता है, वहां मात्र 1 अधिकारी के भरोसे पूरा काम चलाया जा रहा है। इसी प्रकार, तकनीकी स्टाफ की भी भारी कमी बनी हुई है, जिससे निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। बताया जा रहा है कि जनपद में कई निर्माण कार्य बिना उचित तकनीकी निरीक्षण के ही पूरे किए जा रहे हैं। विभागीय व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि एक ही सब-इंजीनियर पर 3 से अधिक प्रोजेक्ट्स का जिम्मा है, जबकि नियमों के अनुसार ऐसा संभव नहीं होना चाहिए। स्टाफ की कमी के चलते समय पर साइट विजिट नहीं हो पा रही, जिससे कार्यों में अनियमितता और घटिया निर्माण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, भवनों और अन्य विकास कार्यों की स्थिति चिंताजनक है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं या फिर उनकी गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की कमी और निगरानी के अभाव में ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। वर्तमान में पूरा RES विभाग एक ही SDO के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही पदों पर नियुक्ति नहीं की गई, तो विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक जनता को इस लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और जिम्मेदार अधिकारी इस पर ठोस कार्रवाई करेंगे या नहीं।












