“सुशासन तिहार” या सिर्फ दिखावा? 980 आवेदनों का ढेर, समाधान के नाम पर खानापूर्ति!
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेमेतरा, 05 मई 2026:- जनपद पंचायत बेमेतरा के ग्राम पंचायत मोहरेंगा में आयोजित तथाकथित “जन समस्या निवारण शिविर” अब प्रशासन की पोल खोलता नजर आ रहा है। जहां एक ओर इसे जनता की समस्याओं के समाधान का मंच बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 980 आवेदनों का भारी आंकड़ा खुद इस बात का सबूत बन गया कि वर्षों से समस्याएं अनसुलझी पड़ी हैं और प्रशासन अब भी सिर्फ दिखावे में व्यस्त है। शिविर में पंचायत, राजस्व, खाद्य, कृषि, विद्युत, पीएचई, पीडब्ल्यूडी सहित कई विभागों ने स्टॉल जरूर लगाए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि ज्यादातर अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते नजर आए। मौके पर समाधान के दावे किए गए, लेकिन हकीकत में अधिकांश मामलों को “आगे भेजा जाएगा” कहकर टाल दिया गया। सबसे ज्यादा 562 आवेदन पंचायत विभाग में आए, जो इस बात का सीधा संकेत है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार व्याप्त है। खाद्य (142) और राजस्व (118) विभाग के आंकड़े भी बता रहे हैं कि राशन और जमीन से जुड़े मुद्दे आज भी ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी समस्या बने हुए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन पहले से ही अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाता, तो इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें एक ही दिन में सामने नहीं आतीं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि शिविर सिर्फ फोटो खिंचवाने और आंकड़े दिखाने का जरिया बन गया है, न कि वास्तविक समाधान का मंच।
जनता को राहत नहीं, सिर्फ आश्वासन मिला
जहां प्रशासन इसे सफलता बता रहा है, वहीं हकीकत में ग्रामीण अब भी समाधान की राह देख रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब समस्याएं पहले से ही मौजूद थीं, तो उनका निराकरण समय पर क्यों नहीं किया गया? स्पष्ट है कि “सुशासन तिहार” जैसे कार्यक्रम अब जमीनी हकीकत से दूर होते जा रहे हैं और जनता की समस्याएं आज भी फाइलों में दबकर रह जाती हैं।












