बेटे की शादी वाले दिन उठी पिता की अर्थी, अंतिम संस्कार के बाद दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा

बेटे की शादी वाले दिन उठी पिता की अर्थी, अंतिम संस्कार के बाद दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा

स्टेट ब्यूरो चीफ विष्णु रावत

लखनऊ के निगोहां क्षेत्र से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस घर में बेटे की शादी की खुशियां गूंज रही थीं, उसी घर में कुछ ही घंटों बाद मातम छा गया। दूल्हे के पिता की उसी दिन मौत हो गई, जिस दिन बारात जानी थी। बेटे ने पहले पिता का अंतिम संस्कार किया और फिर सीमित लोगों के साथ बारात लेकर रायबरेली रवाना हुआ। निगोहां गांव निवासी 60 वर्षीय किसान भाईलाल कश्यप के सबसे छोटे बेटे रिंकू कश्यप की 5 मई को शादी तय थी। बारात रायबरेली के बंकागढ़ गांव जानी थी। घर में रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा था और शादी की रस्में उत्साह के साथ चल रही थीं। सोमवार शाम हल्दी-मेहंदी कार्यक्रम के दौरान अचानक भाईलाल कश्यप की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत निगोहां कस्बे के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। उधर, कन्या पक्ष को सूचना मिलने के बाद वहां भी माहौल गमगीन हो गया।परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि एक तरफ पिता का अंतिम संस्कार था और दूसरी ओर तय विवाह। रिश्तेदारों और गांव के बुजुर्गों की सहमति से निर्णय लिया गया कि पहले भाईलाल कश्यप का अंतिम संस्कार किया जाएगा और उसके बाद सादगी से विवाह संपन्न कराया जाएगा। मंगलवार शाम गांव में भाईलाल का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद रात करीब 8 बजे रिंकू कुछ करीबी रिश्तेदारों के साथ रायबरेली के लिए रवाना हुआ। न कोई बैंड-बाजा था और न ही बारात की चहल-पहल। विवाह की सभी रस्में बेहद सादगी और गमगीन माहौल में पूरी कराई गईं। बुधवार को रिंकू अपनी पत्नी रोहिनी को लेकर घर लौटा, लेकिन गांव में न ढोल बजे और न ही स्वागत की पारंपरिक रौनक दिखाई दी। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। इस मार्मिक घटना की चर्चा पूरे इलाके में होती रही और गांव वालों ने कहा कि ऐसा दुखद दिन किसी परिवार को न देखना पड़े।

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