मानसिक तनाव के चलते उठाया आत्मघाती कदम, पुलिस की सक्रियता ने बचाई जान।

पारिवारिक विवाद एवं मानसिक तनाव के चलते उठाया आत्मघाती कदम, पुलिस की सक्रियता ने बचाई जान।

संवाददाता करन कुमार विश्वकर्मा. प्रतापगढ़। आपको बता दें कि जनपद प्रतापगढ़ के मांधाता थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ही परिवार के चार सदस्यों ने पारिवारिक विवाद एवं मानसिक तनाव के कारण आत्मघाती कदम उठा लिया इसके अलावा आपको बता दें कि पुलिस की सक्रियता के कारण परिवार के सदस्यों की जान बचाई गई। आगे आपको बताते चलें कि रात 08 बजे मेटा द्वारा अलर्ट आते ही यूपी पुलिस सोशल मीडिया सेल सेंटर सक्रिय हुआ और

टीम ने तुरंत लोकेशन ट्रेस किया और प्रतापगढ़ सोशल मीडिया सेल को अलर्ट किया। इसके अलावा प्रतापगढ़ सोशल मीडिया सेल ने तुरंत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तो सिर्फ 20 मिनट में पुलिस उस घर पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा जहर खाये 04 जनों को तुरंत इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया।

संवेदनशीलता, तकनीक और तत्परता ने मिलकर एक परिवार के 04 लोगों को बचा लिया। इसी क्रम में दिनांक 07.07.2025 को सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक लाइव वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें मांधाता थाना क्षेत्रान्तर्गत रहने वाले चार लोगों द्वारा पारिवारिक विवाद एवं मानसिक तनाव के चलते आत्मघाती कदम उठाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त वायरल वीडियो का सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल, प्रतापगढ़ द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया। तथा स्थानीय पुलिस को अवगत कराया गया।प्राप्त सूचना पर मांधाता पुलिस द्वारा तत्काल हरकत में आते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर रोहित सोनी (28 वर्ष), अजय सोनी (32 वर्ष), खुशबू सोनी (25 वर्ष) एवं राम जानकी (55 वर्ष), समस्त निवासीगण मांधाता को सीएचसी मांधाता पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के उपरान्त चारों को जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा सभी की स्थिति स्थिर बताई गई है। इसके साथ ही प्रारंभिक जांच से ज्ञात हुआ कि उक्त सभी व्यक्तियों ने जिंक फास्फाइड नामक जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिसका कारण इनके भाई राहुल सोनी व उनकी पत्नी उजाला से सम्पत्ति को लेकर चल रहा विवाद, तथा अजय सोनी की दूसरी पत्नी गीता सोनी से उत्पन्न दाम्पत्य विवाद बताया गया।

इस गंभीर स्थिति में प्रतापगढ़ पुलिस एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते समय रहते आवश्यक कार्रवाई करते हुए चारों व्यक्तियों की जान बचाई जा सकी। इसी क्रम में आपको बता दें कि बाद में सभी पीड़ितों द्वारा लिखित रूप से यह स्वीकार किया गया कि मानसिक तनाव के चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने का भी आश्वासन दिया गया।

संकट में उम्मीद की एक डिजिटल डोर” – प्रतापगढ़ पुलिस

जनपद पुलिस द्वारा समयबद्ध, समन्वित व मानवीय पहल के चलते एक बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सका। सोशल मीडिया पर संवेदनशील निगरानी, त्वरित रेस्पॉन्स और मानवीय दृष्टिकोण प्रतापगढ़ पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला पुलिस कप्तान डॉ0 अनिल कुमार द्वारा इस सराहनीय कार्रवाई के लिए क्षेत्राधिकारी रानीगंज श्री विनय प्रभाकर साहनी व सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम, थाना मांधाता पुलिस एवं संबंधित स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी गई।

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