प्रशासन संभावित बाढ़ आपदा से निपटने को हर स्तर पर तैयार है: डॉ. विरेंदर कुमार दहिया।

प्रशासन संभावित बाढ़ आपदा से निपटने को हर स्तर पर तैयार है: डॉ. विरेंदर कुमार दहिया।

जिला क्राइम रिपोर्टर सागर गोयल
पानीपत हरियाणा।

14 की मॉक ड्रिल को लेकर बुधवार को होगी समीक्षा बैठक आधुनिक तकनीक और मजबूत समन्वय से होगी हर चुनौती का सामना फ्लड डिजास्टर मैनेजमेंट को लेकर प्रशासन ने कसी कमर, अधिकारियों को सौंपे अहम दायित्व जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, राहत एवं बचाव कार्यों में नहीं रहेगी कोई कमी

पानीपत, 12 मई। हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज ऑन फ्लड डिजास्टर कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए अपनी व्यापक तैयारियों का प्रस्तुतीकरण किया। इस संदर्भ में मंगलवार को वित्त आयुक्त (राजस्व) एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार डॉ. सुमिता मिश्रा, (आईएएस) राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और भारत सरकार के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी उपायुक्तों और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जिला प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है तथा आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते व्यापक रणनीति तैयार की है। बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज, प्रभावी और समन्वित तरीके से संचालित करने के लिए सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन आधुनिक तकनीक, त्वरित सूचना प्रणाली और ग्राउंड स्तर की मॉनिटरिंग के माध्यम से हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उपायुक्त ने बताया कि इस टेबल टॉप एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आपदा के समय त्वरित निर्णय क्षमता विकसित करना तथा राहत कार्यों की वास्तविक स्थिति का पूर्व अभ्यास करना है। उपायुक्त ने इस संदर्भ में फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम, डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम तथा इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग आपदा प्रबंधन के लिए प्रभावी है। उन्होंने बताया कि डीआरआईएम एस जैसी आधुनिक प्रणाली के माध्यम से आपदा से संबंधित सूचनाएं रियल टाइम में उपलब्ध हो जाती है। जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को भी लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।वीडियो कंाफ्रेंसिंग में डॉक्टर सुमित मिश्रा ने प्रदेश के 13 जिलों के उपायुक्तों को बाढ़ प्रबंधन और तैयारियों को लेकर विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी। इस दौरान फ्लड प्रिपेयर्डनेस एक्शन प्लान-2026 के अंतर्गत राहत शिविर प्रबंधन, महत्वपूर्ण सेवाओं की निरंतरता, संचार व्यवस्था, डैमेज असेसमेंट तथा महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि जिला स्तर पर सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बुधवार को भी इस संदर्भ में समीक्षा बैठक की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा आमजन को जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाए जाएं। उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक सहभागिता का विषय है। नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, डीआरओ कंवल लाकड़ा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी सुरेश सैनी , सीआई एसएफ अधिकारी मुकेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें