“पैसा डबल” के जाल में फंस रहे लोग, निवेश के नाम पर देशभर में फैल रहा बड़ा फ्रॉड होटल मीटिंग, सोशल मीडिया और फर्जी ऐप के जरिए लोगों से करोड़ों की ठगी

“पैसा डबल” के जाल में फंस रहे लोग, निवेश के नाम पर देशभर में फैल रहा बड़ा फ्रॉड होटल मीटिंग, सोशल मीडिया और फर्जी ऐप के जरिए लोगों से करोड़ों की ठगी

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

भारत डिजिटल दौर में जहां निवेश के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं “पैसा दोगुना” करने के नाम पर ठगी का कारोबार भी खतरनाक रूप ले चुका है। देशभर में ऐसी फर्जी निवेश कंपनियां सक्रिय हैं, जो लोगों को कुछ महीनों में पैसा डबल या ट्रिपल करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रही हैं। ये कंपनियां खुद को “इन्वेस्टमेंट फर्म”, “वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी”, “क्रिप्टो एक्सपर्ट” या “ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म” बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाती हैं। शुरुआत में लोगों से छोटी रकम निवेश करवाई जाती है और कुछ समय तक उन्हें मुनाफा भी दिखाया जाता है, ताकि उनका भरोसा मजबूत हो सके।  इसके बाद निवेशकों को अधिक पैसा लगाने और अपने रिश्तेदारों व दोस्तों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।धीरे-धीरे यह पूरा नेटवर्क एक पोंजी स्कीम का रूप ले लेता है, जिसमें पुराने निवेशकों को नए लोगों के पैसों से भुगतान किया जाता है।  लेकिन जैसे ही कंपनी के पास बड़ी रकम इकट्ठी हो जाती है, ऑफिस बंद कर दिए जाते हैं, वेबसाइट और मोबाइल ऐप गायब हो जाते हैं तथा संचालक फरार हो जाते हैं। तब जाकर लोगों को एहसास होता है कि वे एक बड़े आर्थिक अपराध का शिकार हो चुके हैं।

होटल सेमिनार और सपनों का खेल

फर्जी निवेश कंपनियों का सबसे बड़ा हथियार होता है उनका भव्य “प्रेजेंटेशन”। बड़े-बड़े होटलों में सेमिनार आयोजित किए जाते हैं, जहां सूट-बूट पहने लोग मंच से करोड़पति बनने के सपने दिखाते हैं। प्रोजेक्टर पर ग्राफ, विदेशी प्रोजेक्ट और फर्जी डेटा दिखाकर यह भ्रम पैदा किया जाता है कि कंपनी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है।कई बार मंच पर ऐसे लोगों को भी बुलाया जाता है, जो दावा करते हैं  कि उन्होंने कंपनी से लाखों रुपये कमाए हैं इन कहानियों और मोटिवेशनल भाषणों के जरिए आम लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि वे किसी बड़ी और भरोसेमंद योजना का हिस्सा बन रहे हैं।

साइबर फ्रॉड से जुड़ता नेटवर्क

आजकल यह ठगी केवल ऑफलाइन तक सीमित नहीं रह गई है। सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और फर्जी वेबसाइटों के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। नकली ऐप बनाकर यूजर्स को उनके पैसे बढ़ते हुए दिखाए जाते हैं।  लेकिन जब वे रकम निकालने की कोशिश करते हैं तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है।साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। कई राज्यों में ऐसे मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी सामने आ चुकी है  और सैकड़ों एफआईआर दर्ज की गई हैं।क्यों फंस जाते हैं लोग?विशेषज्ञों के अनुसार जल्दी अमीर बनने की चाहत और वित्तीय जागरूकता की कमी लोगों को ऐसे जाल में फंसा देती है। ग्रामीण और छोटे शहरों में यह समस्या अधिक गंभीर मानी जा रही है, जहां लोग बिना पूरी जानकारी के दूसरों की बातों में आकर निवेश कर देते हैं।

कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से?कम समय में पैसा दोगुना करने वाले दावों से सतर्क रहें। किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसका रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस जांचें।अनजान लिंक, ऐप और कॉल के जरिए निवेश करने से बचें।

लालच और भीड़ देखकर निवेश न करें। केवल अधिकृत और विश्वसनीय संस्थाओं में ही पैसा लगाएं।समाज के लिए संदेश यह केवल व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं, बल्कि समाज की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।  एक व्यक्ति की ठगी पूरे परिवार को आर्थिक संकट में डाल सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग खुद भी जागरूक रहें और दूसरों को भी ऐसे फ्रॉड से सावधान करें।

याद रखें — कोई भी वैध निवेश योजना बहुत कम समय में पैसा दोगुना करने की गारंटी नहीं देती। यदि कोई ऐसा दावा कर रहा है, तो सतर्क हो जाइए।

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