उज्जैन के एमपी हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त। मामला युवक की मौत का।
संवाददाता संतोष यादव। उज्जैन।
उज्जैन के एमपी हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है मामला कुछ समय पहले महामृत्युंजय द्वारा के पास हुए सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार सड़क हादसे में घायल हुए ग्राम करनावत निवासी प्रताप आंजना (20) वर्ष और उसके दोस्त महेश को उपचार के लिए फ्रीगंज स्थित एमपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अगली सुबह प्रताप को मृत घोषित कर दिया गया। मौत की खबर लगते ही परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है प्रताप अगली सुबह 4:00 बजे तक ठीक-ठाक था। परंतु अचानक मौत की खबर से अस्पताल प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न लगता है। परिजनों का यह भी आरोप है की मौत के 1 घंटे बाद भी, उसकी बीपी जाचने का उल्लेख मरीज की फाइल में दर्ज था। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए माधव नगर थाना पुलिस ने स्थिति संभाली। और परिजनों को समझ कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद सीएमएचओ अशोक पटेल ने (नये मरीजों की भर्ती पर रोक लगाते हुए) कार्रवाई करते हुए एमपी हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।












