स्कूलों में सुरक्षित माहौल बनाने को लेकर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान तैयार: उपायुक्त डॉ.विरेंदर कुमार दहिया।
जिला क्राइम रिपोर्टर सागर गोयल पानीपत हरियाणा।
प्राइवेट स्कूल बसों पर 1 जुलाई से चलेगा विशेष चेकिंग अभियान जिला, सब डिवीजन और स्कूल स्तर पर अलग-अलग स्कूल सेफ्टी कमेटियों का होगा गठन गुड टच-बैड टच जागरूकता से ड्रग टेस्ट तक, बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त हर स्कूल में सीसीटीवी, महिला स्टाफ और काउंसलर अनिवार्य करने पर जोर
पानीपत, 20 मई। जिला सचिवालय सभागार में बुधवार को आयोजित जिला स्कूल सुरक्षा कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्कूल बसों की निगरानी व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा जागरूकता तथा सुरक्षित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने को लेकर विस्तारपूर्वक मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने की। बैठक में 20 सूत्रीय एजेंडा पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए गए। बैठक में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। खासतौर पर छात्राओं को गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चे हर परिस्थिति में सतर्क और जागरूक रह सकें। प्राइवेट स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। 1 जुलाई से जिले भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। बसों में सीसीटीवी कैमरे, फस्र्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी डोर सहित सभी सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही स्कूल बस चालकों के ड्रग टेस्ट भी करवाए जाएंगे। स्कूलों में एंटी-बुलिंग जागरूकता, महिला सुरक्षा, रोड सेफ्टी और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जाएंगे। हमारा उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है।जिला स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला, सब डिवीजन और स्कूल स्तर पर अलग-अलग स्कूल सेफ्टी कमेटियों का गठन किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल को अपने वातावरण और परिस्थितियों के अनुसार चाइल्ड प्रोटेक्शन से जुड़े दस्तावेज तैयार करने होंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त डॉ दहिया ने निर्देश दिए कि स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार, सभी कॉरिडोर, लाइब्रेरी, शौचालयों के प्रवेश द्वार तथा बसों के एकत्रित होने वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूल बसों में प्रशिक्षित और योग्य चालक व परिचालक होने चाहिए। बसों की खिड़कियों पर सुरक्षा ग्रिल, सीसीटीवी कैमरे, फस्र्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी डोर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बसों की नियमित जांच की जाएगी ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही सामने न आए। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि 1 जुलाई से जिले में सभी प्राइवेट स्कूल बसों की विशेष चेकिंग ड्राइव चलाई जाएगी। इस अभियान के दौरान बसों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों, सीसीटीवी व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने स्कूल बस चालकों के ड्रग टेस्ट कराने के भी निर्देश दिए ताकि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का जोखिम न रहे। बैठक में स्कूलों के भीतर सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रतिदिन सुबह और लंच ब्रेक के बाद कक्षा अध्यापक द्वारा अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। इसके अलावा प्रत्येक छात्र के पहचान पत्र पर फोटो, नाम, कक्षा, सेक्शन, ब्लड ग्रुप, अभिभावकों के नाम, मोबाइल नंबर, पता तथा बस रूट की जानकारी अंकित करना सुनिश्चित किया जाए। सभी स्कूल कर्मचारियों को भी पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक कक्षा में ऐसी खुली खिड़कियां होनी चाहिए जिनसे कक्षा के भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। स्कूलों में लडक़ों और लड़कियों के लिए साफ सुथरे अलग-अलग शौचालय, शिक्षकों और सपोर्ट स्टाफ के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि शौचालय प्रबंधन में केवल महिला स्टाफ ही लगाया जाए तथा स्कूल परिसर में इस प्रकार की सपोर्ट सेवाओं में पुरुष कर्मचारियों की नियुक्ति न की जाए। बैठक में बच्चों को बुलिंग, शारीरिक एवं यौन शोषण के प्रति जागरूक करने, जेंडर सेंसिटाइजेशन तथा गुड टच-बैड टच जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने जिले के लड़कियों के स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी स्कूलों में काउंसलर नियुक्त करने पर भी बल दिया गया ताकि विद्यार्थियों को मानसिक और भावनात्मक मार्गदर्शन मिल सके। इसके अलावा बच्चों को रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक करने, टीबी के प्रति जानकारी देने तथा स्कूलों में सकारात्मक और अनुशासित अध्ययन वातावरण तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि ब्लॉक और जिला स्तर की टीमें समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करेंगी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेंगी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, सीएमओ विजय मलिक, डॉ. ललित वर्मा, डीईईओ नीलम कुंडू, कार्यकारी अभियंता गोपाल, विजेंदर, सोहन सिंह सहित विभिन्न विभागों के कई अधिकारी उपस्थित रहे।












