लखनऊ कूच से पहले एटा में प्रधानों की बस रोकी: कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर जा रहे 56 प्रधानों को पुलिस ने हिरासत में बैठाया
संवाददाता : पुष्पेंद्र कुमार
एटा के अलीगंज विकास खंड क्षेत्र से लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे 56 ग्राम प्रधानों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। वहीं प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा उर्फ विष्णु को उनके पैतृक आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया। ग्राम प्रधान कार्यकाल बढ़ाने अथवा जल्द चुनाव कराने की मांग को लेकर राजधानी जा रहे थे। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल एटा-अलीगंज मार्ग पर तैनात कर दिया गया। पुलिस ने प्रधानों से भरी बस को रोककर कई घंटों तक ग्राम प्रधानों को हिरासत में बैठाए रखा। कार्रवाई के बाद कई प्रधान वापस अपने घर लौट गए। अलीगंज थाना पुलिस ने सिमोर पेट्रोल पंप के पास भी दर्जनभर प्रधानों को रोक लिया। दरअसल, ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त करने की सरकार की योजना का प्रदेशभर में विरोध किया जा रहा है। प्रधानों का कहना है कि सरकार या तो समय रहते पंचायत चुनाव कराए या मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए। उनका आरोप है कि प्रशासक नियुक्त होने से ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका बढ़ जाएगी और विकास कार्य प्रभावित होंगे। ग्राम पंचायत सिमोर के प्रधान प्रतिनिधि भानु प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर अलीगंज क्षेत्र के प्रधान लखनऊ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। उन्होंने यह भी बताया कि ब्लॉक अध्यक्ष को पुलिस ने घर पर ही नजरबंद कर दिया। पुलिस द्वारा रोके गए ग्राम प्रधानों में निर्दोष (ग्राम राया), संजय दीक्षित (बिछौरा), भानु प्रताप सिंह (सिमोर), दिलीप सिंह (अंगरैया), राजू खां (कूल्हापुर बुजुर्ग) और प्यारे मियां (अंगरैयां जमुनाई) सहित कई अन्य प्रधान शामिल रहे।












