स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे।

स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे।

जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।

स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बड़ा मंच, जिला सचिवालय में लगा सकेंगे स्टॉल नाबार्ड गतिविधियों और उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने पर हुई वीडियो कांफ्रेंस छोटे मेलों एवं प्रदर्शनियों के आयोजन को लेकर स्वयं सहायता समूहों को मिलेंगे अवसर

पानीपत, 21 मई। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के समन्वय एवं उनके उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वीरवार को वीडियो कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। यह बैठक हरियाणा के वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सी.जी. राजिनी कांथन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नाबार्ड से संबंधित गतिविधियों, छोटे मेलों एवं प्रदर्शनियों के आयोजन तथा स्वयं सहायता समूहों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने बताया कि जिले में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जो भी स्वयं सहायता समूह के सदस्य जिला सचिवालय परिसर में अपने उत्पादों के स्टॉल लगाना चाहते हैं, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक समूहों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी तथा सबसे पहले प्रार्थना पत्र देना होगा।अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि पानीपत जिले में वर्तमान में 2200 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 24 हजार से ज्यादा सदस्य जुड़े हुए हैं। इन समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के लिए समय-समय पर छोटे मेले और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों की आय में वृद्धि हो सके। बैठक में अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की पहचान, प्रशिक्षण और बिक्री व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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