महेशगंज CHC में दवा वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल
संवाददाता सुमित मिश्रा महेशगंज, प्रतापगढ़. सीएचसी महेशगंज में दवा वितरण और बाहरी मेडिकल स्टोरों के हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में पर्याप्त दवा स्टॉक होने के बावजूद मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल स्टोरों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि अधिकांश पर्चों पर बाहरी दवाएं लिखी जा रही हैं। आरोप है कि प्रत्येक पर्चे में मल्टी विटामिन (MV), एजिथ्रोमाइसिन, सिफेब्जिन, ओफ्लाक्सासिन जैसी दवाएं बाहर से लेने के लिए लिखी जाती हैं, जबकि इनमें से कई दवाएं अस्पताल में उपलब्ध रहती हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि कुत्ते के काटने पर लगने वाले इंजेक्शन अस्पताल के अंदर से लगाए जाते हैं, लेकिन सिरिंज बाहर से मंगवाई जाती है। इससे मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी देखी जा रही है।

योगी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक जी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध न हों, उन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि गरीब मरीजों को राहत मिल सके। बावजूद इसके मरीजों को निजी मेडिकल स्टोरों की ओर भेजे जाने के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीज सरकारी अस्पताल में मुफ्त या सस्ती चिकित्सा की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन महेशगंज CHC की व्यवस्था सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।
फिलहाल मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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