एटा में साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, गांव-गांव पहुंचकर लोगों को दे रही डिजिटल सुरक्षा की सीख।
संवादाता अमन अहमद। एटा। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एटा पुलिस ने व्यापक साइबर जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत पुलिस टीमें स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं। अभियान का मकसद आमजन को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी देना और समय रहते सतर्क करना है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी साइबर नीतीश गर्ग के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के दौरान लोगों को फर्जी फोन कॉल, बैंकिंग फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, निवेश के नाम पर ठगी तथा ऑनलाइन जॉब ऑफर के जरिए होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। पुलिस कर्मी लोगों को यह समझा रहे हैं कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा करना गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।
अभियान के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे फर्जी झांसे से सावधान रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही किसी प्रकार की ऑनलाइन पूछताछ के नाम पर पैसे मांगती है। लोगों को यह भी बताया गया कि परिचित के नाम से पैसे मांगने वाले संदेश मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें।
इसके अलावा यूपीआई भुगतान, फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स, सोशल मीडिया लिंक और संदिग्ध वेबसाइटों से जुड़े खतरों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करने की अपील की है।
एटा पुलिस ने लोगों से कहा कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि लोग थोड़ी सावधानी बरतें और दूसरों को भी जागरूक करें, तो साइबर अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
ये भी पढ़ें पट्टी में नाली-इंटरलॉकिंग घोटाले की जांच तेज, अधूरे दस्तावेजों ने बढ़ाई मुश्किलें।












