बीडा मास्टर प्लान 2045 को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने को मंत्री नन्दी ने बताया महत्वपूर्ण कदम कहा, अब बीडा के विकास कार्यों में आएगी और तेजी
संवाददाता आयुष मिश्र प्रयागराज
बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण झांसी ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी (बीडा मास्टर प्लान-2045) को पर्यावरण, वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया है। मंत्री नन्दी ने कहा कि मास्टर प्लान को स्वीकृति मिलने के बाद अब बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र को विकसित करने में और तेजी आएगी। 253.33 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बीडा को विकसित किया जाएगा। जिसमें 33 प्रतिशत औद्योगिक क्षेत्र, 16.90 प्रतिशत आवासीय एवं आबादी क्षेत्र, 24.92 प्रतिशत हरित एवं मनोरंजक क्षेत्र, 11.56 प्रतिशत परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र, व्यावसायिक, मिश्रित एवों अन्य उपयोग, हरित बफर जोन के साथ ही ग्रामीण आबादी का विकास कार्य शामिल है। 1,51,571 करोड़ रूपए की लागत से बीडा क्षेत्र के विकसित किया जाएगा। बीडा मास्टर प्लान-2045 लागू होने के बाद बुन्देलखण्ड का पूरा आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा। मंत्री नन्दी ने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्र में औद्योगिक निवेम्स, रोजगार सृजन और आधुनिक अवसंरचना विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करते हुए बुन्देलखण्ड को वैश्विक विनिर्माण मानचित्र पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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