बेमेतरा में बड़ा सवाल: ग्राम पंचायत प्रस्ताव के बिना 41 हजार घनमीटर मुरूम परिवहन की अनुमति कैसे?
खनिज विभाग की अनुमति पर उठे गंभीर सवाल, दस्तावेज़ों में ग्राम पंचायत की स्वीकृति का उल्लेख नहीं
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेमेतरा। जिले के बेरला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जेवरी की शासकीय भूमि से मिट्टी/मुरूम परिवहन की अनुमति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। खनिज विभाग द्वारा जारी अनुमति पत्र क्रमांक 263/खनि.लि./खनिज/2026 दिनांक 20 मई 2026 में 41 हजार घनमीटर मुरूम/मिट्टी परिवहन की अनुमति प्रदान की गई है, लेकिन अब यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या इस अनुमति से पूर्व ग्राम पंचायत का विधिवत प्रस्ताव या ग्राम सभा की स्वीकृति प्राप्त की गई थी?
प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार खसरा नंबर 743 की शासकीय भूमि के समतलीकरण/सौंदर्यीकरण कार्य से प्राप्त मुरूम के परिवहन की अनुमति दी गई है। दस्तावेज़ में सरपंच को केवल सूचनार्थ प्रतिलिपि भेजे जाने का उल्लेख है, जबकि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव अथवा सहमति का स्पष्ट उल्लेख दिखाई नहीं देता।
नियमों की अनदेखी या प्रक्रिया का पालन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत का प्रस्ताव नहीं लिया गया है तो अनुमति जारी करने की प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग सकते हैं। वहीं जानकारों का मानना है कि यदि नियमों के तहत प्रस्ताव आवश्यक था और उसके बिना अनुमति जारी हुई है, तो पूरे मामले की प्रशासनिक जांच की मांग उठ सकती है।
RTI से खुल सकते हैं कई राज
सूत्रों के अनुसार अब सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अनुमति से संबंधित नोटशीट, ग्राम पंचायत प्रस्ताव, निरीक्षण प्रतिवेदन, स्वीकृति आदेश एवं अन्य अभिलेख मांगे जाने की तैयारी की जा रही है। यदि दस्तावेज़ों में ग्राम पंचायत की सहमति नहीं मिलती है तो मामला और गंभीर हो सकता है।
जनता पूछ रही है जवाब
क्या ग्राम पंचायत जेवरी का प्रस्ताव लिया गया था?
क्या ग्राम सभा की सहमति प्राप्त हुई थी?
41 हजार घनमीटर मुरूम का आकलन किस आधार पर किया गया?
अनुमति जारी करने से पहले किन अधिकारियों ने स्वीकृति दी?
अब सबकी निगाहें खनिज विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। दस्तावेज़ सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई या फिर कहीं न कहीं प्रशासनिक चूक हुई है।












